फिर पांच घंटे में तय हो जाएगा हावड़ा का सफर
बताया जा रहा है कि आरडीएसओ की डिजाइन पर 100 ट्रेन सेट बनाए जाएंगे। अभी दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई रूट पर राजधानी एवं शताब्दी जैसी कई एक्सप्रेस ट्रेन अधिकतम 130 की रफ्तार से एवं आगरा-मथुरा रेलखंड में गतिमान एक्सप्रेस 160 किमी की अधिकतम रफ्तार से दौड़ती है। एल्युमिनियम बॉडी के ट्रेन सेट आने के बाद ट्रेन की स्पीड अगर 200 किमी प्रति घंटा हो जाएगी तो प्रयागराज से हावड़ा का सफर भी महज पांच घंटे में पूरा हो जाएगा।
प्रयागराज मंडल काफी बड़ा है। यहां ट्रेनों की आवाजाही भी ज्यादा है। इसी वजह से आरडीएसओ द्वारा आने वाले समय में प्रयागराज मंडल में ट्रायल किया जा सकता है। हालांकि यह निर्णय आरडीएसओ को ही करना है। - मोहित चंद्रा, डीआरएम, प्रयागराज मंडल
यह बड़ा प्रोजेक्ट है। एल्युमिनियम बॉडी के ट्रेन सेट रेलवे की किसी एक प्रोडक्शन यूनिट से बनवाए जाएंगे। यह जल्द ही तय हो जाएगा। सेट आने के बाद ही प्रयागराज मंडल एवं अन्य जगह इसका ट्रायल लिया जा सकता है। - आशीष अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एडमिन, आरडीएसओ