कटरा राम वाटिका परिसर आयोजित में रामलीला का दृश्य। कमेटी
- फोटो : shiv tripathi
श्री कटरा रामलीला कमेटी की ‘गाथा राम की...’ प्रस्तुति रामलीला की परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ रही है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी तक रामकथा पहुंचाना है। निर्देशक अतुल यदुवंशी के निर्देशन में यह 12 कड़ियों की रामलीला है।
यह रामलीला पारंपरिक अभिनय, मौलिक पटकथा, भव्य मंच सज्जा और डिजिटल तकनीक का समन्वय है। तीन मंचों और विशाल मल्टीमीडिया एलईडी स्क्रीन से रामायण के विभिन्न प्रसंगों को सजीव रूप दिया गया है। वन, नदी तट, राजमहल और युद्धभूमि जैसे दृश्य डिजिटल तकनीक, प्रकाश तथा ध्वनि प्रभावों से साकार होते हैं।
अतुल यदुवंशी ने पटकथा लिखी है, जिसमें गोस्वामी तुलसीदास के रामचरितमानस की चौपाइयां और दोहे हैं। डॉ. राजेंद्र शुक्ल और डॉ. वीरेंद्र कुसुमाकर ने कथा के गीत लिखे हैं। भगवान शिव के मुख से होने वाला रामकथा का कथावाचन भी इसकी विशेषता है।
डिजिटल दृश्यों से जीवंत हुए प्रसंग
तीन मंचों और विशाल एलईडी स्क्रीन से रामायण के प्रसंग प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए गए हैं। केवट प्रसंग में प्रवाहमान जल और कलाकारों का अभिनय सजीव लगता है। सीता हरण में रावण का पुष्पक विमान से प्रस्थान और हनुमान का विराट रूप प्रमुख आकर्षण हैं। तकनीक का उपयोग भव्यता बढ़ाने के साथ-साथ कथा के भावनात्मक प्रभाव को मजबूत करने के लिए किया गया है।
कटरा राम वाटिका परिसर आयोजित में रामलीला का दृश्य। कमेटी- फोटो : shiv tripathi
कटरा राम वाटिका परिसर आयोजित में रामलीला का दृश्य। कमेटी- फोटो : shiv tripathi