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एमडीआर : यूपीई भुगतान पर एमडीआर व्यवस्था से नाराज हैं कारोबारी, दुकानों से हटने लगा क्यूआर कोड

Sat, 19 Sep 2026 06:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

जिले के व्यापारी यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) की नई व्यवस्था से नाराज हैं। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि वे दुकानों से क्यूआर कोड हटाकर नकद में व्यापार करेंगे।
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यूपीआई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के व्यापारी यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) की नई व्यवस्था से नाराज हैं। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि वे दुकानों से क्यूआर कोड हटाकर नकद में व्यापार करेंगे।

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व्यापारी संगठनों ने इसे लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कारोबारियों का कहना है कि यदि सरकार ने यह नई व्यवस्था वापस नहीं ली, तो सप्ताह भर के भीतर छोटे से बड़े व्यापारी अपनी दुकानों से क्यूआर कोड हटा देंगे। यह एमडीआर ग्राहक से नहीं बल्कि व्यापारी से लिया जाएगा। इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल सहित कई संगठनों ने इसका पुरजोर विरोध किया है।

पदाधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन भुगतान से पहले ही कारोबार प्रभावित हो रहा है। पांच हजार रुपये की खरीदारी पर एमडीआर का भार व्यापारी पर ही आएगा। व्यापारी थोक बाजार में भी ऑनलाइन भुगतान करते हैं। त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है, जिससे नई व्यवस्था से परेशानी बढ़ सकती है।
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व्यापार मंडल का जागरूकता अभियान

राष्ट्रीय उद्योग व्यापार महामंडल और प्रयागराज व्यापार मंडल ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। उन्होंने व्यापारियों और ग्राहकों के बीच भुगतान व्यवस्था को लेकर एक पोस्टर जारी किया है। प्रदेश अध्यक्ष सुशांत केसरवानी ने बताया कि संबंधित फर्म में यूपीआई लेन-देन पर शुल्क सरचार्ज लगने के कारण सुविधा बंद की गई है। उन्होंने दुकानदारों से यूपीआई सुविधा बंद करने की अपील की है।
व्यापारियों की अपील और चेतावनी

प्रदेश संयोजक मनीष कुमार गुप्ता, ने व्यापारियों से अपनी दुकानों पर भुगतान के उपलब्ध माध्यमों की स्पष्ट सूचना लगाने को कहा है। व्यापार मंडल ने विशेष रूप से कहा है कि ग्राहकों से यूपीआई के नाम पर कोई अतिरिक्त राशि न वसूली जाए। व्यापारी संगठनों का कहना है कि यह नई नीति उनके लाभ को कम करेगी। वे सरकार से इस व्यवस्था को तुरंत वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

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