व्यस्त कार्यक्रम के बाद शुक्रवार को जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सम्मान में राज्यपाल की ओर से रात्रि भोज में छप्पन भोग परोसा गया तो इसमें घर की रसोई की खुशबू संग आत्मीयता की मिठास भी रही। राष्ट्रपति ने भी उसी आत्मीयता से चने के साग, मक्के की रोटी संग गाजर का हलवा चखा। अरहर की दाल उनकी पसंद बनी। खाने के बाद गुड़ छेना, संदेश जैसी मिठाइयां चखीं तो मसाले वाले दूध भी उन्हें भाया। खाने से पहले लेमन ड्रिंक, ब्लैक पेप्सी के बाद स्टार्टर में रोस्टेड पनीर, बेबी कॉर्न, ब्रेड पास्ता, मशरूम जैसी चीजें शामिल थीं। गोल मेज पर राष्ट्रपति और विशिष्टजनों के अतिरिक्त अन्य अतिथियों के नाम की पट्टिका लगाई गई थीं।
सरकिट हाउस परिसर में शहीद चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा स्थल के सामने बने भव्य पंडाल में हुए राभिनत्र भोज में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद, राज्यपाल राम नाईक, पत्नी संग मुख्य न्यायाधीश दिलीप बाबा साहेब भोसले, हाईकोर्ट के कई अन्य न्यायमूर्ति, महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी शामिल हुईं। इसके अतिरिक्त सीएम योगी आदित्यनाथ सहित डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, सिद्धार्थनाथ सिंह, डॉ.रीता बहुगुणा जोशी, नंद गोपाल गुप्ता नंदी समेत अनेक विशिष्टजन शामिल हुए। आरंभ में रात्रिभोज के लिए राजभवन से तकरीबन 250 लोगों की सूची जारी की गई थी लेकिन बाद में उसे 137 लोगों तक सीमित कर दिया गया। बता दें, कैटरर्स वाराणसी से बुलाए गए थे।
राष्ट्रपति के भोज में पारंपरिक शाकाहारी भारतीय व्यंजनों की सौ से अधिक किस्मों का संगम रहा। इसमें सरसों, चने का साग, मक्के की रोटी, सफेद मक्खन, लौकी-बड़ी की सब्जी, मिक्स वेज विद बटर, मसाला बटर, अरहर की तड़का दाल, शाही पनीर, मटर पनीर, कुलचे-छोले, नान रोटी, तवा, मिस्सी रोटी शामिल थी।
मिठाइयां भी मौसम के मुताबिक रखी गई थीं। इसमें गाजर, मूंग का हलवा, रस मलाई, जलेबी, गुड़ छेना, गुड़ की रस मलाई, बंगाल का संदेश शामिल रहा। चाय-कॉफी से इतर कुल्हड़ में मसाले वाला दूध भी रहा। पूर्वांचल की परंपरा को पूरा करते हुए खाने के बाद मेहमानों के लिए बनारस का मघई पान भी था।