केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और अधिवक्ताओं के बीच गत दिनों हुई वार्ता की रिपोर्ट सोमवार को सुबह साढ़े दस बजे इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की आमसभा में सार्वजनिक कर दी जाएगी। इस दौरान विस्तार से बताया जाएगा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश बेंच के मसले पर गृहमंत्री ने क्या कहा। रिपोर्ट सार्वजनिक करने का निर्णय रविवार को सलाहकार समिति एवं संघर्ष समिति की संयुक्त बैठक में लिया गया। साथ ही तय हुआ कि वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य न्यायाधीश से भी मुलाकात करेगा। इस बीच रविवार को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच के विरोध में वकीलों का क्रमिक अनशन जारी रहा और इस दौरान साधु-संतों ने भी मौके पर पहुंचकर आंदोलन को अपने समर्थन की घोषणा की।
क्रमिक अनशन के 12वें दिन जगद्गुरू शंकराचार्य काशी पीठाधीश्वर स्वामी रूद्रानंद सरस्वती जी महाराज मौके पर पहुंचे और उन्होंने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय एवं महासचिव डॉ. सीपी उपाध्याय को अपना समर्थन पत्र सौंपा।
वकीलों के आंदोलन के समर्थन में क्रमिक अनशन का नेतृत्व करने महापौर अभिलाषा गुप्ता भी पहुंचीं और पूरे दिन अनशन पर बैठी रहीं। बुंदेलखंड अधिवक्ता संघ झांसी के अध्यक्ष लखन लाल ने भी अपना समर्थन पत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव को सौंपा। भारतीय किसान एवं मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर धनंजय सिंह ने उच्च न्यायालय के विभाजन के विरोध में किसानों और मजदूरों को सड़क पर उतारने की बात कही। महापौर ने भी कहा कि उच्च न्यायालय का बंटवारा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, कांग्रेस नेता शेखर बहुगुणा, निशांत त्रिपाठी, आरके जैन, ओपी सिंह, यूनएन शर्मा, केके राय, अवधेश नारायण दुबे, जेबी सिंह, सत्यम पांडेय, वीके जायसवाल, ऋतंभरा मिश्रा, स्वर्णलता सुमन ने भी हाईकोर्ट विभाजन का विरोध किया। क्रमिक अनशन में शिव सिंह यादव, एलडी राजभर, एके ओझा, अभिषेक चौहान, श्यामाचरण त्रिपाठी, राहुल पांडेय, राजीव शुक्ला, उत्तरा शर्मा, सारिका शर्मा, अखिलेश त्रिपाठी, अजय मौर्य, अवधेश सिंह, मीर सैयद, अनिल तिवारी, संजीव सिंह, करुण चतुर्वेदी, स्मृति कार्तिकेय, हिमकन्या श्रीवास्तव, उर्मला त्रिपाठी, शैलेंद्र द्विवेदी, संतोष उपाध्याय आदि शामिल रहे।