राज्य शिक्षा सेवा अधिकरण को लेकर लगातार जारी वकीलों के आंदोलन को लेकर सोमवार को बड़ा फैसला हो सकता है। इस मुद्दे पर सुबह नौ बजे से आम सभा की बैठक बुलाई गई है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और एक्शन कमेटी ने वकीलों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील करने का निर्णय लिया है। उम्मीद है कि अधिवक्ता इस पर राजी हो जाएंगे। अधिकरण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर भी सोमवार को सुनवाई होनी है। मुख्य न्यायाधीश ने गोविंद माथुर ने भी वकीलों से हड़ताल समाप्त कर याचिका पर बहस करने की अपील की है।
सरकार से मिले संकेत के मद्देनजर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक्शन कमेटी सोमवार सुबह आमसभा की बैठक में वकीलों से काम पर लौटने की अपील करेगी और वकील तैयार हुए तो न्यायिक कार्य शुरू हो जाएगा।
यह फैसला शनिवार को हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय बबुआ की अध्यक्षता में हुई वरिष्ठ अधिवक्ताओं, पूर्व पदाधिकारियों व गवर्निंग काउंसिल की बैठक में लिया गया। बैठक में तय हुआ कि न्याय पालिका व राज्य सरकार से सकारात्मक संकेत मिले हैं, इसलिए आमसभा में काम पर लौटने की अपील की जाएगी और वकील तैयार हुए तो काम शुरू किया जा सकता है। बैठक में कहा गया कि शुक्रवार को जनहित याचिका मेंशन करने गए वकीलों के प्रति मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर का रुख सकारात्मक था।
उन्होंने जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए काम शुरू करने का आग्रह भी किया था। उधर, राज्य सरकार से भी शिक्षा सेवा अधिकरण के मुद्दे के समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाने की जानकारी मिली है। इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट बार रणनीति बदलने की जरूरत पर विचार कर रहा है। बैठक में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका की पैरवी के लिए बार के अध्यक्ष राकेश पांडे को अधिकृत किया गया है।
यह भी कहा गया है कि यदि अधिकरण को लेकर कोई प्रतिनिधि मंडल किसी जनप्रतिनिधि से मिलता है तो उसमें वरिष्ठ अधिवक शशिनंदन, जीके सिंह, अशोक सिंह को अवश्य शामिल किया जाए। बैठक में तय हुआ है कि बदली परिस्थितियों में शिक्षा सेवा अधिकरण के मुद्दे पर प्रशासनिक व न्यायिक स्तर से समाधान की संभावनाएं दिख रही हैं, इसलिए हाईकोर्ट बार व एक्शन कमेटी सोमवार की आमसभा की बैठक में वकीलों से काम पर लौटने की अपील करेगी। आमसभा जो कहेगी, उसके मुताबिक निर्णय लिया जाएगा। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता शशिनंदन, टीपी सिंह, ओपी सिंह, आईके चतुर्वेदी, पूर्व महासचिव सीपी उपाध्याय, प्रभाशंकर मिश्र और कमेटी के कई सदस्यों ने हिस्सा लिया।