मुट्ठीगंज में 20 साल के शुभम केशरवानी ने खुद के अपहरण का ड्रामा रचकर पुलिस को खूब छकाया। यही नहीं परिजनों को भी झूठी सूचना देकर गुमराह करता रहा। बाद में कौड़िहार से पकड़े जाने पर कूबूल किया कि पट्टीदारों को फंसाने के लिए उसने यह ड्रामा रचा।
मुट्ठीगंज में 20 साल के शुभम केशरवानी ने खुद के अपहरण का ड्रामा रचकर पुलिस को खूब छकाया। यही नहीं परिजनों को भी झूठी सूचना देकर गुमराह करता रहा। बाद में कौड़िहार से पकड़े जाने पर कूबूल किया कि पट्टीदारों को फंसाने के लिए उसने यह ड्रामा रचा। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। घूरपूर का रहने वाला शुभम किराने की दुकान चलाता है। उसने दो दिन पहले घरवालों को बताया कि मुट्ठीगंज चौराहे से कार में अगवा कर लिया गया है।
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बहन ने फोन कर सूचना दी तो पुलिस जांच में जुटी। मोबाइल पर संपर्क करने पर शुभम ने बताया कि अपहर्ता उसे अगवाकर कौड़िहार में लाए और एक कमरे में बंद कर दिया है। यही नहीं 35 हजार रुपये छीनने के साथ ही उसकी पिटाई भी की है। पुलिस तब हैरान रह गई जब सर्विलांस से उसकी लोकेशन ऊंचाहार के पास मिली। साथ ही यह भी पता चला कि वह कौड़िहार की ओर बढ़ रहा है। पुलिस कौड़िहार पहुंची तो वहां एक युवक दिखाई दिया। परिजनों की ओर से उपलब्ध कराए गए फोटो से मिलान करने पर वह शुभम निकला।
सौतेले भाई के ससुर पर लगाया आरोप
उसके पास मोबाइल व जगतपुर से कौड़िहार का बस टिकट भी बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपने सौतेले भाई के ससुर पर अपहरण करने का आरोप लगाया। हालांकि जब उससे वह कमरा दिखाने को कहा गया जहां उसे बंधक बनाकर रखा गया तो वह आनाकानी करने लगा। यह भी कहा कि वह वहां पहुंच नहीं पाएगा। यही नहीं मेडिकल परीक्षण में उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। ऐसे में साफ हो गया कि वह झूठ बोल रहा है। मुट्ठीगंज के प्रभारी एसओ विनय सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सात साल से कम की सजा का प्रावधान होने के कारण उसे मुचलके पर छोड़ दिया गया है।