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Prayagraj News: डिजिटल नशा उतारना है तो आजमाएं फॉर्मूला-15

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बच्चे डिजिटल नशे के जाल में फंसते जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें बचाने में ‘फॉर्मूला-15’ बेहद कारगर साबित हो रहा है। इस प्रक्रिया को रेड्यूज इंटरनेट एडिशन भी कहा जाता है। इसमें इंटरनेट की लत को कम करने के लिए डिजिटल डिटॉक्स, स्क्रीन टाइम सीमित करने और ऑफलाइन गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।
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आमतौर पर जो बच्चे दिन में अधिक समय मोबाइल, कंप्यूटर, टीबी, टैब व लैपटॉप पर देते हैं। उन्हें अचानक से डिजिटल दुनिया से दूर करना खतरनाक हो सकता है। इस दौरान बच्चे चिड़चिड़े, गुस्सैल हो सकते हैं। इसी को देखते हुए मनोरोग विशेषज्ञों ने ‘फॉर्मूला-15’ तैयार किया।
इस फॉर्मूला के तहत बच्चे के फोन पर 15-15 मिनट का टाइमर सेट किया जाता है। हर 15 मिनट फोन चलाने के बाद टाइमर सिग्नल देने लगता है। जिसका मतलब है कि बच्चे कुछ देर फोन बंद करके अन्य गतिविधि करें। ऐसे में बच्चा जितनी बार फोन का इस्तेमाल करता है उसे टाइमर लगाना होता है। इस फॉर्मूले से बच्चे डिजिटल दुनिया से दूर होते हैं। वहीं, जो बच्चे 10 वर्ष से कम हैं, उनके माता-पिता को गतिविधि करानी होगी।
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बोले डॉक्टर
‘फॉर्मूला-15’ काफी उपयोगी है। अब तक कई बच्चे डिजिटल नशे से दूर हुए हैं। यह धीरे-धीरे की जाने वाली प्रक्रिया है। इसके परिणाम में तीन से चार हफ्ते का समय लग सकता है। -डॉ. पंकज कौटार्य, मनोवैज्ञानिक, कॉल्विन हॉस्पिटल।
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कैसे कम करें मोबाइल की लत

1-फोन पर 15-15 मिनट का टाइमर सेट करें।
2- नोटिफिकेशन आने पर फोन से हटकर अन्य एक्टिविटी करें।
3-15 मिनट के ब्रेक में खेलें-कूदें, होम वर्क या अन्य काम करें।
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