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पूर्व सांसद अतीक के करीबी पर कसा शिकंजा, सिविल लाइंस स्थित बेशकीमती मकान सील

Fri, 18 Sep 2020 01:36 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

भवन जिस पर कार्रवाई हुई- एचएच /1 सिविल लाइंस बंगला नंबर 52 सरदार पटेल मार्ग
 
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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अतीक अहमद एंड कंपनी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बृहस्पतिवार को एक और कार्रवाई हुई। अतीक के कारोबार की देखरेख करने वाले मो. अब्बास का सिविल लाइंस स्थित बेशकीमती मकान सील कर दिया गया। प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अफसरों ने बताया कि नियमविरुद्ध तरीके से तीसरे तल का निर्माण करने पर यह कार्रवाई हुई। 
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अतरसुइया निवासी अब्बास पुत्र मो. यूसुफ अतीक अहमद का करीबी है। अतीक के आर्थिक मामलों की देखरेख वही करता रहा है। वह लंबे समय से फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है। जांच पड़ताल के दौरान ही यह बात सामने आई कि उसका करोड़ों रुपये कीमत का एक मकान सिविल लाइंस में है। पता चला कि सरदार पटेल मार्ग में आईसीआईसीआई बैंक के पास स्थित मकान के एक हिस्से का निर्माण अवैध तरीके से कराया गया।

पूर्व में ध्वस्तीकरण कराए जाने के बाद उसने फिर निर्माण करा लिया। बृहस्पतिवार को सुबह 11.30 बजे के करीब जोनल अफसर सत शुक्ला के नेतृत्व में विकास प्राधिकरण की टीम मकान पर पहुंची। जांच पड़ताल के बाद मकान को सील कर दिया गया।
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बताया गया कि मकान में केवल दो तल के निर्माण की मंजूरी ली गई थी लेकिन अवैध तरीके से तृतीय तल भी बनवाया गया। जिसे अवैध होने की वजह से 2007 में विकास प्राधिकरण ने ध्वस्त कराया लेकिन कुछ समय बीतने के बाद फिर से तीसरा तल बनवाया गया। इसके अलावा मकान के व्यावसायिक उपयोग समेत अन्य अनियमिताएं भी मिलीं हैं। जिसके तहत मकान को सील कर दिया गया। 

दबिश से पहले मिली थी सूचना, हुआ था फरार

बता दें कि अब्बास पिछले करीब दो महीनों से फरार है। शहडोल में पकड़े गए अतीक अहमद के शार्प शूटर बालम उर्फ अख्तर ने पकड़े जाने के दौरान इस बात का खुलासा किया था कि अतीक के कारोबार की देखरेख अब्बास ही करता है। जिसके बाद एडीजी जोन प्रेमप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसके घर पर दबिश दी। लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग निकला था। जांच में पता चला था कि उसे दबिश की सूचना अतरसुइया थाने से दी गई थी। अब्बास पर अपेक्षित कार्रवाई न करने के कारण ही कुछ दिन पहले तत्कालीन थाना प्रभारी संदीप मिश्रा को निलंबित किया गया था। पुलिस अफसरों का कहना है कि अब्बास की तलाश की जा रही है। उससे सांठगांठ में जिन भी पुलिसकर्मियों का नाम आएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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