prayagraj news : बालसन चौराहे पर बेरोजगारी सहित कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन के दौरान पुलिस से नोकझोंक करते प्रदर्शनकारी।
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जार्जटाउन स्थित बालसन चौराहे पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान बात तब बिगड़ी जब प्रदर्शनकारियों को पुलिस हटाने के लिए आगे बढ़ी। पुलिस चाहती थी कि प्रदर्शनकारी वापस जाएं जबकि वह संविदा पर नियुक्ति के मुद्दे पर सरकार की ओर से स्पष्टीकरण चाहते थे। इसी बात पर पहले नोकझोंक हुई और फिर बवाल हो गया।
बालसन चौराहे पर स्थित पार्क में सुबह 11 बजे से ही प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा होने लगा था। दोपहर एक बजे के करीब पुलिस व प्रशासनिक अफसर भी आ गए। दोपहर एक बजते-बजते पार्क भीड़ से खचाखच भर चुका था जबकि बहुत से युवा बाहर भी खड़े थे। उधर इतनी बड़ी संख्या में जमावड़ा होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस व प्रशासनिक अफसर भी पहुंच गए।
अफसरों के बात करने पर प्रदर्शनकारियों की ओर से बताया गया कि वह अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सीएम को देना चाहते हैं। जिसके बाद अफसरों ने ज्ञापन लेकर इसे सीएम कार्यालय तक भेजने का आश्वासन दिया। अफसरों को लगा कि अब मामला शांत हो जाएगा। ऐसे में उन्होंने प्रदर्शनकारियों से घर लौटने की अपील की। बहुत से लोग उनकी बात मानकर वहां से चल भी दिए।
लेकिन कुछ लोग ऐसे भी रहे जो अफसरों के आश्वासन से संतुष्ट नहीं थे। उनका कहना था कि संविदा पर नियुक्ति के मामले में शासन अपना स्पष्टीकरण जारी करे। जिसके लिए अफसर बात करें और उन्हें इसकी जानकारी दें। बार-बार कहने के बावजूद जब प्रदर्शनकारी हटने को तेयार नहीं हुए तो पुलिस ने पार्क को जबरन खाली कराना शुरू किया। बात यहीं से बिगड़ी।
जबरन हटाए जाने को लेकर कुछ प्रदर्शनकारियों से पुलिस की नोकझोंक हुई और धक्कामुक्की के बाद उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। यह देख अन्य प्रदर्शनकारियों ने भ्भी ईंट-पत्थर चलाए जिसपर वहां भगदड़ मच गई। राहगीर भी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। उधर ईंट पत्थर चलते देख पुलिसकर्मी लाठियां भांजते हुए आगे बढ़े और फिर जो हाथ लगा, उसे जमकर पीटा गया। पुलिस ने चौराहे के दोनों ओर यानी पार्वती अस्पताल व आनंद भवन की ओर काफी दूर तक खदेड़ा और तब जाकर मामला शांत हो सका। एहतियातन घटना के काफी देर बाद तक मौके पर फोर्स तैनात रही।