Prayagraj News : मोहम्मद अफरोज। फाइल फोटो
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लगातार हादसों की वजह बन रहा चाइनीज मंझा रविवार को निर्दोष मो. अफरोज(26) के लिए काल बन गया। बाइक से घर लौटते वक्त चाइनीज मंझे की चपेट में आने से उसका गला कट गया। गंभीर हालत में उसे एसआरएन अस्पताल ले जाया गया जहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। हादसे के दौरान बाइक पर बैठी पत्नी भी जख्मी हुई। पुलिस का कहना है कि परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। लिखापढ़ी के बाद उन्हें शव सौंप दिया गया।
अफरोज गाड़ी चलाता था और गुजरात में रहता था। करीब हफ्ते भर पहले ही वह कोरांव के बड़ोखर स्थित अपने मूल निवास लौटा था। पुलिस के मुताबिक, रविवार को वह अपनी पत्नी खुर्शीदा के साथ शहर स्थित अस्पताल में आया था। दवा लेकर दोपहर ढाई बजे के करीब वह बाइक से पत्नी को लेकर घर लौटने लगा। साथ में दूसरी बाइक से उसका साढ़ू मुराद भी था। अभी वह नए यमुना पुल पर पहुंचे थे कि तभी चाइनीज मंझा उसके और खुर्शीदा के गले में लिपट गया।
जब तक वह बाइक रोकता, उसके गले में गहरा जख्म हो गया था। बाइक रुकते ही वह सड़क पर गिर पड़ा। राहगीरों की सूचना पर पुलिस पहुंची और उसे एसआरएन अस्पताल ले गई। उसके गले से लगातार खून बह रहा था। इलाज के दौरान कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। सूचना पर पिता हयात व अन्य परिजन भी आ गए और रोने-बिलखने लगे। कीडगंज इंस्पेक्टर रमेश चौबे ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। ऐसे में शव उनके सुपुर्द कर दिया गया।
चाइनीज मंझा
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19 महीने में ही उजड़ गया सुहाग
अफरोज की मौत के बाद उसकी पत्नी खुर्शीदा फूट-फूटकर रोती रही। गंभीर रूप से जख्मी शौहर को देखकर उसके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। पिछले साल मार्च में ही उसका निकाह हुआ था। हफ्ते भर पहले ही पति घर आया था, जिसके बाद वह बेहद खुश थी। हादसे की खबर मिलने के बाद घर के बाहर जुटे ग्रामीण चर्चा करते रहे कि शायद किस्मत को उसकी खुशी मंजूर नहीं थी।
हादसे दर हादसे, नहीं जाग रही पुलिस
चाइनीज मंझे की बिक्री व इस्तेमाल पर कोर्ट की ओर से रोक है, इसके बावजूद शहर में धड़ल्ले से इसका उपयोग हो रहा है। लगातार हो रहे हादसे इसका प्रत्यक्ष सबूत हैं लेकिन पुलिस की नींद नहीं टूट रही है। हर हादसे के बाद दुकानों में जंाच कर पुलिस यह दावा करती है कि कहीं चाइनीज मंझा बिकता नहीं मिला। सवाल यह है कि जब शहर में चाइनीज मंझा बिक ही नहीं रहा तो आखिर इसकी वजह से हादसे कैसे हो रहे हैं।
ढाई महीने पहले भी हुई थी मौत, नहीं लिया सबक
नए यमुना पुल पर करीब ढाई महीने पहले भी चाइनीज मंझे ने एक युवक की जान ली थी लेकिन कीडगंज पुलिस ने इससे सबक नहीं लिया। 29 जुलाई को सिविल लाइंस निवासी 38 वर्षीय तीरथनाथ की नए पुल पर चाइनीज मंझे की चपेट में आने से मौत हो गई थी। नए पुल के साथ ही अलोपीबाग फ्लाईओवर, मेडिकल चौराहा ओवरब्रिज, पानी की टंकी ओवरब्रिज पर लगातार हादसे हो रहे हैं। लेकिन पुलिस लापरवाह बनी हुई है।
पतंग व मंझे की दुकानों पर छापेमारी की जा रही है। कहीं चाइनीज मंझा बिकता मिला, तो संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार सिंह, एसपी सिटी