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प्रयागराज : यूक्रेन से आने वाले तीन छात्रों ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात, जानें मोदी ने छात्रों से क्या कहा...

Fri, 04 Mar 2022 04:19 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को वाराणसी में यूक्रेन से लौटने वाले छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। इनमें प्रयागराज के विशाल कुमार, रितिक दिवाकर एवं रुचि पांडेय भी शामिल रहीं। एडीएम प्रशासन जगदम्बा सिंह तीनों विद्यार्थियों को लेकर वाराणसी पहुंचे।
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Prayagraj News : यूक्रेन से लौटे छात्रों ने जिलाधिकारी से की मुलाकात। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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यूक्रेन से लौटे छात्रों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वस्त किया कि, ‘आपके सभी साथी सुरक्षित वापस लाए जाएंगे।’ प्रधानमंत्री ने यूक्रेन से भारतीयों के लाए जाने का रोड मैप भी छात्रों संग साझा किया। उन्होंने यूक्रेन में फंसे भारतीयों के सामने आने वाली चुनौतियों की बाबत भी जानकारी ली और उन्हें दूर करने की बात कही। साथ ही विद्यार्थियों को भविष्य की शुकामनाएं दीं। 

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प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को वाराणसी में यूक्रेन से लौटने वाले छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। इनमें प्रयागराज के विशाल कुमार, रितिक दिवाकर एवं रुचि पांडेय भी शामिल रहीं। एडीएम प्रशासन जगदम्बा सिंह तीनों विद्यार्थियों को लेकर वाराणसी पहुंचे। उनके साथ विद्यार्थियों के अभिभावक भी थे। तीनों ही विद्यार्थियों ने यूक्रेन से बाहर निकलने में आने वाली परेशानियों को प्रधानमंत्री से अवगत कराया।



छात्र-छात्राओं का कहना था कि  वह निजी स्तर पर बस, टैक्सी आदि की व्यवस्था कर रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे। इसके बावजूद उन्हें 18 से 20 किमी पैदल चलना पड़ा। विद्यार्थियों का कहना था कि वहां लगातार धमाके सुनाई देते थे। हवाई हमले को लेकर सायरन भी लगातार सुनाई देते रहे। विद्यार्थियाें ने सुरक्षित लाए जाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।
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साथ ही यूक्रेन में फंसे अन्य विद्यार्थियों को भी सुरक्षित निकालने की अपील की। तीनों विद्यार्थियों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने आश्वास्त किया कि सभी भारतीय सुरक्षित लाए जाएंगे। यह भी बताया कि कितने लोगों को यूक्रेन से बाहर निकाला जा चुका है। रितिक का कहना था कि  प्रधानमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों को रूस के रास्ते भी निकालने की योजना बनाई गई है। इससे पहले छात्रों ने प्रयागराज के डीएम संजय कुमार खत्री से भी मुलाकात की। 

यूक्रेन के सिपाही नहीं निकलने दे रहे सीमा से बाहर
रुचि पांडेय का कहना था कि  काफी प्रयास के बाद वे रोमानिया की सीमा पर पहुंच गईं लेकिन वहां यूक्रेन के सिपाहियों ने रोक दिया। सबसे अधिक परेशानी यूक्रेन की सीमा पर हो रही है। वहां के सिपाही कुछ कह नहीं रहे लेकिन जल्दी निकलने भी नहीं दे रहे।



भारत का झंडा लगी बस में नाइजीरिया-पाकिस्तान के छात्र भी रहे सवार
विशाल कुमार ने बताया कि  यूक्रेन से रोमानिया की तरफ जाने के लिए उन्होंने बस का इस्तेमाल किया। बस पर भारत का झंडा लगा था, जिससे वहां से निकलने में आसानी हुई। बताया कि हमारी बस में नाइजीरिया एवं पाकिस्तान के छात्र भी बैठे थे।
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डिग्री को लेकर बना हुआ सवाल
यूक्रेन से लौटे छात्र-छात्राआें को भविष्य की चिंता भी सताने लगी है। वह यूक्रेन वापस जा पाएंगे या नहीं और उनकी मेडिकल की डिग्री यहां मान्य होगी या नहीं, इसे लेकिन सवाल खड़े हो गए हैं। रितिक का कहना था कि विद्यार्थी डिग्र्री का सवाल प्रधानमंत्री के सामने रखना चाहते थे लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला।



यूक्रेन में फंसे 24 और छात्र-छात्रा लौटे भारत

यूक्र्रेन में फंसे प्रयागराज के 24 और छात्र-छात्राएं बृहस्पतिवार को भारत आ गए। इनमें से 14 विद्यार्थी प्रयागराज भी पहुंच गए हैं। बुधवार तक चार विद्यार्थी भारत वापस आ चुके थे। इस तरह से यूक्रेन से अब तक 28 विद्यार्थी सुरक्षित वापस लाए जा चुके हैं। हालांकि  32 और विद्यार्थी वहां फंसे हुए हैं।



प्रयागराज के 60 विद्यार्थी यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए हैं। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वहां फंसे भारतीयों को लाने के लिए भारत सरकार की ओर से अभियान शुरू किया गया है। प्रयागराज के विद्यार्थियों के साथ समन्वय बनाने के लिए कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम खोला गया है और अब तक 28 विद्यार्थी वापस आ गए हैं।



एडीएम वित्त एवं राजस्व जगदम्बा सिंह ने बताया कि रुचि पांडेय, अमित मिश्रा, रितिक दिवाकर एवं विशाल कुमार बुधवार तक ही आ गए थे। बृहस्पतिवार को भारत आने वाले 24 विद्यार्थियों में से 10 विद्यार्थी अभी दिल्ली, मुंबई, लखनऊ आदि जिलों में हैं। 14 अन्य प्रयागराज आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि यूक्रेन में फंसे अन्य विद्यार्थियों को लाने के लिए मंत्रालय से लगातार संपर्क किया जा रहा है। अन्य विद्यार्थी भी जल्द आ जाएंगे।
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