उप्र लोक सेवा आयोग की आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा पेपर लीक कराने वाले गिरोह के तीन सदस्य शनिवार को नैनी जेल भेज दिए गए। तीनों अब तक कौशाम्बी जेल में निरुद्ध थे। सिविल लाइंस थाने में आयोग की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना कर रही एसटीएफ ने बी वारंट पर तलब करवाकर उन्हें कोर्ट में पेश किया और रिमांड बनवाया। इसके बाद उन्हें नैनी जेल में दाखिल करा दिया गया।
इनमें बर्खास्त सिपाही अरुण सिंह, लखनऊ का स्कूल मैनेजर सौरभ शुक्ला व एक अन्य पुनीत सिंह शामिल है। तीनों कौशाम्बी जेल में अपने सात अन्य साथियों संग निरुद्ध थे। पुनीत को कौशाम्बी जबकि अरुण व सौरभ को एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था। एसटीएफ के विवेचक ने इस प्रकरण में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए सभी 11 आरोपियों के खिलाफ बी वारंट बनवाकर संबंधित जेलों में तामील कराया था। इसी क्रम में शनिवार को कौशाम्बी जेल से अरुण, सौरभ व पुनीत को प्रयागराज लाकर कोर्ट में पेश किया गया। साथ ही उनके खिलाफ रिमांड अर्जी दी गई। अर्जी मंजूर होने पर तीनों को नैनी जेल भेज दिया गया।
एसटीएफ सूत्राें के मुताबिक, मामले में जेल में निरुद्ध आठ अन्य आरोपियों के संबंध में विवेचना प्रचलित है। यह सभी फिलहाल कौशाम्बी के मंझनपुर थाने में दर्ज मुकदमे में निरुद्ध हैं। इनमें से एक मेरठ व अन्य कौशाम्बी जेल में हैं।
कुल 13 नाम सामने आए, दो फरार
पेपर लीक प्रकरण में अब तक कुल 13 नाम सामने आए हैं। इनमें सबसे पहले कौशाम्बी के मंझनपुर में 15 फरवरी को तीन लोगों आयुष पांडेय, पुनीत सिंह, नवीन सिंह को गिरफ्तार किया गया। उनसे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर 15 मार्च को लखनऊ में बर्खास्त सिपाही अरुण सिंह व स्कूल मैनेजर सौरभ शुक्ला को पकड़ा गया। तीन अप्रैल को ग्रेटर नोएडा से मास्टरमाइंड राजीव नयन और दो दिन बाद यानी पांच अप्रैल को गोंडा निवासी अमित सिंह को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 21 अप्रैल को लखनऊ से ही गिरोह के चार अन्य सदस्यों, अर्पित विनीत यशवंत, कमलेश पाल, डॉ. शरद सिंह पटेल को गिरफ्तार किया गया। इनमें से राजीव नयन मेरठ जेल में निरुद्ध है। कंकड़खेड़ा थाने में सिपाही भर्ती पेपर लीक प्रकरण में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। कौशाम्बी पुलिस व एसटीएफ की ओर से उसका भी बी वारंट बनवाया जाना है। आरोपियों से पूछताछ में ही सुभाष प्रकाश निवासी मधुबनी बिहार व अजय शर्मा निवासी लखनऊ का भी नाम सामने आया, जो अभी फरार चल रहे हैं।