अतीक से मिलने गुजरात जाने पर उसके परिजनों के लिए होटल, फ्लाइट के टिकट आदि की व्यवस्था भी यही तीनों करते थे। एक खास बात यह है कि दोनों प्रॉपर्टी डीलरों के रियल एस्टेट व रेस्टोरेंट संचालक के धंधे में अतीक ने ही रुपये निवेश किए थे। इसके अलावा इनके नाम पर नोएडा-दिल्ली में संपत्तियों में भी निवेश किया गया है।
एक अफसर ने नाम नहीं छापने के अनुरोध के साथ बताया कि तीन को चिह्नित किया गया है। इनके बारे में और भी जानकारी जुटाई जा रही है। अतीक के जो भी गुर्गे हैं और माफिया के साथ मुकदमों में उनका नाम है, उन पर गैंगस्टर लगाया जाएगा और उनकी संपत्तियां कुर्क की जाएंगी।
तीनों अतीक के साथ मुकदमों में हैं नामजद
अतीक के तीनों फाइनेंसर पूर्व में उसके साथ मुकदमों में नामजद रह चुके हैं। इनमें से एक अपहरण, मारपीट, रंगदारी जबकि दूसरा जमीन कब्जाने, सरकारी जमीन पर प्लाटिंग करने समेत अन्य आरोपों में नामजद हुआ था। उनके खिलाफ मुकदमों में चार्जशीट भी लग चुकी है। इसी तरह रेस्टोरेंट संचालक भी एक मुकदमे में नामजद हुआ था।
जेल में बंद बेटों पर भी हर महीने लाखों का खर्च
सूत्रों का कहना है कि तीनों फाइनेंसर अतीक-अशरफ के साथ ही जेल में बंद उसके बेटों के लिए भी महीनों लाखों का खर्च देते थे। लखनऊ जेल में बंद उमर व नैनी जेल में बंद अली को जेल में दिक्कत न हो, इसके लिए उनकी ओर से सारे इंतजाम किए जाते थे। यहां तक कि पूर्व में मोहित जायसवाल केस में अतीक को पेशी पर सीबीआई कोर्ट लखनऊ लाए जाने के दौरान भी उसके पीछे गुर्गों की जो फौज चलती थी, उनकी गाड़ियों, खाने-पीने व अन्य खर्चों का इंतजाम भी यही तीनों करते थे।
असद को देते थे खर्चा, लखनऊ में करता था अय्याशी
सूत्रों का यह भी कहना है कि चिह्नित तीनों फाइनेंसर उमेशपाल हत्याकांड के मुख्य शूटर असद को भी खर्च देते थे। असद लखनऊ में फ्लैट में रहता था और उसकी आय का कोई स्रोत नहीं था। इसके बावजूद वह महंगी गाड़ियों से चलता था और महंगे होटलों में खाना खाता था। उसके फ्लैट में सुख-सुविधा का हर सामान था। महंगे कपड़ों व घड़ियों के अपने शौक को पूरा करने के लिए वह जिन लोगों से रुपये लेता था उनमें यह तीनोें मुख्य थे।