जिला न्यायालय ने कोटक महिंद्रा बैंक से करोड़ों रुपये गबन किए जाने के मामले में आरोपी माता अंबर, पांडे पिंकू तिवारी और कमल राज सचदेवा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश अपर जिला जज मृदुल कुमार मिश्रा ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कैलाश नारायण सिंह और हरिनारायण शुक्ला को सुन कर दिया है।
मामला सिविल लाइंस का है। वादी शाखा प्रबंधक कोटक महिंद्रा बैंक अमित मालवीय ने पांच अप्रैल 2020 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बैंक का कहना है कि चार अप्रैल 2020 को पता चला कि कोटक महिंद्रा बैंक के सेवा प्रदाता अधिकारी के पद पर कार्यरत अंशुमन दुबे ने बैंक की धनराशि में से नौ करोड़ 46 लाख 27500 हजार रुपये का गबन कर लिया है। बैंक द्वारा मुख्य आरोपी अंशुमान दुबे को बैंक का पैसा ले जाकर बैंक ऑफ बड़ौदा खुल्दाबाद के मुद्रा प्रकोष्ठ में जमा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। कोटक महिंद्रा बैंक का प्रयागराज में अपना कोई मुद्रा प्रकोष्ठ नहीं है।
जिसके कारण आरबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा करने की अनुमति दी थी। जांच में अंशुमन दुबे द्वारा संपूर्ण धनराशि गबन करने और उस धनराशि को लोगों को ब्याज पर देने और परिवार के नाम करने की बात स्वीकार की गई है।
आरोप है कि तीनों अभियुक्तों के बैंक खाता में अभियुक्त अंशुमन दुबे के बैंक खातों से लेन-देन हुआ है। पुलिस ने अभियुक्त अंशुमन दुबे के पास से सोने व चांदी के आभूषणों के साथ 4233500 रुपये, पिंकू तिवारी के पास से 5790000, माता अंबर पांडे के पास से 50000 और कमल राज सचदेवा के घर से 150000 रुपये बरामद किए थे। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए तीनों अभियुक्तों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।