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High Court : बेटे की हत्या के साजिशकर्ता पिता समेत तीन मुल्जिमों की मौत, दो फरार...19 साल बाद चार को उम्रकैद

Sat, 22 Jun 2024 12:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मामला प्रयागराज जिले के सोरांव थाना क्षेत्र का है। सघनगंज गांव निवासी राम सजीवन ने 15 अगस्त 2005 को अपने बेटे की हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह और उसका बेटा मलखान घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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जिला अदालत ने पिता की साजिश से बेटे की हुई हत्या में 19 साल बाद चार मुल्जिमों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस दौरान साजिशकर्ता पिता समेत तीन मुल्जिमों की मौत हो गई और दो अब भी फरार हैं। 19 साल पुराने इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉॅ लक्ष्मीकांत राठौर की अदालत ने फैसला सुनाया है। मामला प्रयागराज जिले के सोरांव थाना क्षेत्र का है।

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सघनगंज गांव निवासी राम सजीवन ने 15 अगस्त 2005 को अपने बेटे की हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह और उसका बेटा मलखान घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। देर रात कुछ लोगों ने उसके घर पर धावा बोल दिया। उसे चारपाई से बांध दिया। उसके बाद बेटे को चारपाई समेत पलट कर दबा दिया। फिर धारदार हथियार से बेटे का गला काट दिया। शोर मचाने पर गांव वाले आए तो सभी हमलावर भाग निकले। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की तो पता लगा कि बेटे की हत्या की साजिश खुद पिता ने ही रची थी।

पिता बेटे की नशे की लत से परेशान था। बेटे ने घर गिरवी रख दिया था। पुलिस ने पिता रामसजीवन, रामबरन मौर्या, बबलू खटिक, बबलू मौर्या, नन्हे पासी, बड़े पासी, मुकेश पासी, राजू पासी और पप्पू उर्फ मुकरी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। करीब 19 साल चले ट्रायल के दौरान एडीजीसी अखिलेश सिंह बिशेन ने अभियोजन की ओर से नौ गवाहों को पेश किया।


इस दौरान साजिशकर्ता पिता राम सजीवन, राजू पासी और और पप्पू उर्फ मुकरी की मौत हो गई जबकि मुल्जिम बबलू मौर्या और मुकेश पासी फरार है। लिहाजा, इनकी पत्रावली अलग कर कोर्ट ने कार्यवाही पूरी करते हुए शेष चार मुल्जिम सघनगंज निवासी राम बरन मौर्या, तुलापुर के बब्लू खटिक, सेवईत गांव के नन्हे पासी और बड़े पासी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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बहू रेखा ने दी गवाही, कहा-ससुर थे हत्या में शामिल
 

मृतक मलखान की पत्नी रेखा ने गवाही में कहा कि ससुर ने ही एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन हत्या में वह खुद शामिल थे। पति के नशे लती होने और घर गिरवी रखने की बात से उसने इन्कार किया। बहू की गवाही ने सुसर को साजिशकर्ता साबित कर दिया, लेकिन फैसला आने से पहले ही ससुर राम सजीवन की मौत हो गई।

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