खोजबीन शुरू हुई तो रोशनदान टूटा मिला, जिससे आशंका जताई गई कि इसी रास्ते से तीनों फरार हुए। दिनदहाड़े तीन मुल्जिमों के फरार होने पर थाने में हडक़ंप मच गया। पहले तो थाने के स्टाफ ने अपने स्तर से ही मुल्जिमों की खोजबीन की। लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी उनके नहीं मिलने पर अफसरों को सूचना दी। जानकारी पर अफसर भी थाने पहुंचे और जांच पड़ताल की। अफसरों के निर्देश पर सिविल लाइंस के साथ ही शहर के अन्य थानों की फोर्स व एसओजी भी तलाश में लगी लेकिन कुछ पता नहीं चला।
देर रात तक मुल्जिमों का कोई सुराग पुलिस हासिल नहीं कर सकी थी। इससे पहले रात में ही पुलिस ने फरार हुए एक मुल्जिम के भाई को करेली से थाने उठा लाई। लेकिन वह भी कुछ बता नहीं सका। मामले में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह से बात की गई तो उन्होंने किसी मुल्जिम के फरार होने की घटना से इंकार किया। उनका कहना है कि दो नाबालिगों को पूछताछ के लिए लाया गया था जिन्हें उनके परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। उधर सीओ सिविल लाइंस से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने कॉल ही नहीं रिसीव की।