कम आय दिखाकर राशनकार्ड बनवाने वालों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। सभी कार्डधारकों से आय प्रमाणपत्र मांगे गए हैं। इनके सत्यापन के बाद फर्जीवाड़ा करने वालों के कार्ड तो निरस्त होंगे ही, उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। इतना ही नहीं नए कार्ड के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी बदल गई है। अब आवेदन के समय ही आय प्रमाणपत्र लगाना होगा। इसके बाद ही फीडिंग हो पाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र में पात्र गृहस्थी कार्ड बनवाने के लिए परिवार की कुल वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए। शहर में यह सीमा तीन लाख रुपये है। इसके विपरीत बड़ी संख्या में अधिक आय वालों ने राशन कार्ड बनवा लिए हैं। इसकी शिकायत के बाद नया कार्ड बनाने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। आवेदन के समय आधार कार्ड, पता आदि दस्तावेजों के साथ आय का प्रमाणपत्र भी अपलोड करना होगा।
इसके अलावा अब सभी कार्डधारकों की आय के सत्यापन का निर्णय लिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि सभी कार्डधारकों के आय के सत्यापन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। निर्धारित सीमा से अधिक आय वालों के कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
सभी वयस्क सदस्यों का देना होगा आय प्रमाणपत्र
गौर करने वाली बात यह है कि कार्ड में शामिल सभी वयस्क सदस्य की आय का सत्यापन किया जाएगा। चूंकि पूरे परिवार की आय निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसलिए यह निर्णय लिया गया है। इस तरह से कार्ड में शामिल 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी सदस्यों के आय प्रमाणपत्र बनवाने होंगे।
अंत्योदय कार्डधारकों की हैसियत भी खंगाली जा रही
अंत्योदय कार्डधारकों की हैसियत भी खंगाली जाएगी। इसकी शुरुआत भी हो गई है। अंत्योदय कार्ड के लिए पात्रता की शर्त है कि धारक के पास अपना मकान, जमीन, आय का कोई स्थाई साधन न हो। कई अन्य शर्तें भी हैं। इसके विपरीत सुविधा संपन्न हजारों लोगों ने भी अंत्योदय कार्ड बनवा लिए हैं। अब ऐसे लोगों को योजना से बाहर करने की तैयारी है। इसके लिए ब्लाकवार सत्यापन का आदेश दिया गया है। ग्राम सचिव और लेखपाल की मदद से गांव के हर कार्डधारक के दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं। उनके सत्यापन के बाद शर्र्तें पूरी करने वालों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा।