एक हजार पेंशनर्स ने नहीं दिया जीवन प्रमाण पत्र, रुकी पेंशन
जिले में एक हजार से अधिक पेंशनर्स की पेंशन रोक दी गई है। इसकी मुख्य वजह एक वर्ष बीत जाने के बाद भी जीवित होने का प्रमाण नहीं दिया जाना है। इन्हें प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। इसके बाद ही पेंशन शुरू हो पाएगी।
नियमानुसार पेंशनर्स को हर वर्ष जीवित होने का प्रमाण देना होता है। प्रमाण पत्र कोषागार में उपस्थित होकर दिया जा सकता है। बैंक के माध्यम से भी प्रमाण पत्र जमा करने की व्यवस्था है। इसके अलावा ऐप के माध्यम से ऑनलाइन भी जीवन प्रमाण पत्र दिया जा सकता है। खास यह कि अब वर्ष में किसी भी समय प्रमाण पत्र दिए जा सकते हैं।
हालांकि, आमतौर पर पेंशनर्स नवंबर-दिसंबर में ही कोषागार में उपस्थित होकर जीवन प्रमाण पत्र देते हैं लेकिन एक हजार से अधिक ने इस बार प्रमाण पत्र नहीं प्रस्तुत किया है। इसकी वजह से उनकी पेंशन रोक दी गई है। मुख्य कोषाधिकारी प्रत्यूष कुमार का कहना है कि इनसे अपील की गई है कि जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर दें। ताकि, पेंशन बहाल की जा सके।
निधन के बाद परिवार वालों ने नहीं दी सूचना
करीब 200 ऐसे पेंशनर्स भी हैं जिनका निधन हो गया है लेकिन परिवारवालों ने इसकी सूचना नहीं दी। इसकी वजह से इनके खाते में पेंशन आती रही। ऐसे में परिवारवालों से बाद में रिकवरी की जाती है। मुख्य कोषाधिकारी का कहना है कि हर वर्ष इस तरह के 150 से 200 प्रकरण सामने आते हैं और वसूली करनी पड़ती है। इससे पेंशनर्स के परिवार वालों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने निधन के बाद समय रहते इसकी सूचना देने तथा जरूरी प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।