पेशावर और मुल्तान पर हुए हमले में भी विशेष भूमिका
वर्ष 1965 के युद्ध में भी कमान के कैनबरा एयरक्राफ्ट स्क्वाड्रन ने पाकिस्तान में जमकर तांडव किया। चकलाला, मौरीपुर, मुल्तान, पेशावर और सरगोधा में पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर दिन-रात सटीक तरीके से कार्रवाई की गई । 13 और 14 सितंबर की रात नंबर-पांच स्क्वाड्रन के स्क्वाड्रन लीडर चरणजीत सिंह और फ्लाइट लेफ्टिनेंट मंगत सिंह ने दुश्मन के इलाके में काफी अंदर तक उड़ान भरी और पेशावर में प्रमुख हवाई अड्डे पर हमला किया। युद्ध समाप्त होने के बाद सेंट्रल एयर कमांड के कैनबरा स्क्वाड्रन के सदस्यों को तीन महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।
मध्य वायु कमान के पास उपलब्धियों का समृद्ध इतिहास है। सीएसी ने देश के आसमान की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सभी चुनौतियों का डटकर सामना किया है। युद्ध के साथ-साथ शांति के समय में भी गौरव बढ़ाया है। - समीर गंगाखेड़कर, ग्रुप कैप्टन एवं पीआरओ रक्षा मंत्रालय