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घूरपुर थाने के पूर्व एसओ पर केस के बाद मलाईदार तैनाती पाने वालों में खलबली

Tue, 06 Oct 2020 11:33 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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घूरपुर थाने के पूर्व एसओ अरविंद कुमार त्रिवेदी पर भ्रष्टाचार अधिनियम का मुकदमा दर्ज होने के बाद कई अन्य पुलिसकर्मियों में भी हड़कंप है। यह वे पुलिसकर्मी हैं जिनकी गोपनीय जांच भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व एसएसपी अभिषेक दीक्षित के निलंबन के बाद कराई जा रही है। इन्हें डर इस बात का है कि पूर्व एसएसपी की अनियमितता में संलिप्तता की बात सामने आने पर इन पर भी मुकदमा न दर्ज हो जाए। 
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दो दिन पहले घूरपुर के पूर्व एसओ अरविंद पर मुकदमा लिखा गया था। आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी मिलने पर उन पर कार्रवाई की गई। दो साल पहले हुए इस मामले से जिले में मौजूदा समय तैनात थानेदारों व प्रभारियों से सीधा कोई मतलब नहीं। लेकिन कार्रवाई से उनके माथों पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

दरअसल यह वह पुलिसकर्मी हैं जिनकी गोपनीय जांच पूर्व एसएसपी अभिषेक दीक्षित के निलंबन के बाद शुरू हुई है। पूर्व एसएसपी पर कार्रवाई के साथ ही शासन ने उनकी अनियमितता में शामिल पुलिसकर्मियों की पृथक जांच शुरू करा दी है। ऐसे में उन थानेदारों व चौकी प्रभारियों की नींद उड़ गई है जो पूर्व एसएसपी के कार्यकाल में मलाईदार तैनाती पर रहे। 

कौन-कौन है जांच के दायरे में?

कमाई के लिए खासा चर्चित यमुनापार के खनिज संपदा क्षेत्र स्थित एक थाने के एसओ भी इनमें शामिल हैं। यमुनापार में ही हाईवे पर तैनात दो थानों में तैनाती पाने वाले थानेदार व चौकी प्रभारियों का नाम भी इसमें शामिल है। गंगापार के तीन थानों की कमान उन इंस्पेक्टरों को मिली, जो पूर्व में भ्रष्टाचार, अफसरों को गुमराह करने व कानून व्यवस्था मेें शिथिलता बरतने के मामले में नापे जा चुके थे।
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इन तीनों पर भी जांच टीम की खास नजर है। इसी तरह नैनी थाना क्षेत्र की दो मलाईदार चौकियों पर तैनाती पाने वाले भी जांच के दायरे में हैं। शहर से गंगापार के एक चर्चित थाने की कमाने पाने वाले इंस्पेक्टर भी जांच के दायरे में हैं। चर्चा है कि इनकी तैनाती जुगाड़तंत्र की वजह से हुई। ऐसे में ये भी जानते हैं कि निष्पक्ष तरीके से जांच होने पर इनका बचना मुश्किल है। जांच के दो साल बाद घूरपुर के पूर्व एसओ पर मुकदमा दर्ज होने के बाद इनके दिल की धड़कनें बढ़ गई हैं।
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