क्षेत्र के एग्रीकल्चर पुलिस चौकी अंतर्गत मड़ौका बांध रोड के किनारे यमुना साइड में मारकर फेंके गए युवक की रविवार सुबह शिनाख्त हो गई। वह मेजा थाना क्षेत्र के सिरसा कपसहाई मोहल्ला निवासी कपड़ा व्यापारी विजय कुमार केशरी (40) पुत्र जोखूलाल के रूप में की गई। उसे शुक्रवार शाम को ही मेजा थाना क्षेत्र के सोरांव और खानुपर गांव के बीच से अमृत कलश हास्पिटल के समीप से अगवा कर लिया गया था। शिनाख्त के बाद नैनी पुलिस ने पंचायतनामा करके शव का पोस्टमार्टम हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गमछे से गला घोटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है।
रोज की भांति 27 नवंबर की शाम को विनय बाइक से घर चल गया था, जबकि विजय साइकिल से घर जा रहा था, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। घरवालों ने उसकी खोजबीन शुरू की तो दुकान से डेढ़ किमी. की दूरी पर अमृत कलश हॉस्पिटल (सिरसा पुलिस चौकी) के समीप उसकी साइकिल व टूटा हुआ चश्मा मिला था।
तब से परिजन परेशान थे। आशंका थी कि कार सवार लोगों ने उसे अगवा कर लिया है। 28 नवंबर को सुबह परिजनों ने मेजा थाने में अज्ञात के खिलाफ विजय के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया और दोपहर बाद उसकी लाश नैनी कोतवाली क्षेत्र के मड़ौका बांध के नीचे आठ फीट गड्ढे में पड़ी मिली। उस वक्त उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी।
उसका मोबाइल, पर्स सब गायब था। सिर्फ दस रूपए की एक नोट और कुछ सिक्के मिले थे। मोबाइल के जरिए ही पुलिस कातिलों तक पहुंचने की जद्दोजहद में जुटी है। इसलिए पुलिस ने अज्ञात में ही शव का पंचायतनामा करके पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया था। 29 नवंबर को सुबह परिजनों ने उसकी शिनाख्त की तो घर में कोहराम मच गया।
नैनी पुलिस ने शव का पंचायतनामा करके पोस्टमार्टम कराया। जिसमें गला घोटकर हत्या की पुष्टि हुई। हालांकि अभी इस रहस्य का पता नहीं चल पाया है कि उसे अगवा किसने और क्यों किया। सूत्रों की मानें तो पनासा, करछना के तीन लड़कों को पुलिस ने शक के बिना पर उठाया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।