टैंक में कम थी गैस नहीं तो होता बड़ा हादसा
अभय चांदपुर कालोनी स्थित फैक्ट्री में बर्फ जमाने के लिए प्रयोग की जाने वाली गैस टैंक में काफी कम थी। साथ ही उसका रिसाव भी काफी धीरे-धीरे हो रहा था। यदि टैंक में गैस अधिक होती तो आसपास के मोहल्लों भी प्रभावित होते है। जिस जगह फैक्ट्री थी उससे सौ मीटर की दूरी पर एक अस्पताल है जिसमें मरीज भर्ती थे। पास के रहने वाले प्रेम प्रकाश सिंह, एके चौबे व संतोष उपाध्याय ने बताया कि रिसाव शुरू होने के साथ ही आंख में जलन व सांस लेने में परेशानी होने लगी।
वर्ष 2018 में ही निर्माणाधीन बर्फ फैक्ट्री में हो चुका है रिसाव
मिर्जापुर रोड शंकरढ़ाल के पास 14 अप्रैल 2018 में एक निर्माणाधीन बर्फ फैक्ट्री में देर रात गैस रिसाव हुआ था। उस समय आसपास रह रहे सैकड़ों परिवार इससे प्रभावित हुए थे। इसमें लगभग चार दर्जन लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामले में तत्कालिक एसडीएम करछना आईएएस राजा गणपति ने कार्रवाई करते हुए बर्फ फैक्ट्री को सील कर दिया था। उसके संचालक राम चंद्र केसरवानी के खिलाफ मामला भी पंजीकृत कराया था।