फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : आजाद प्रतिमा से टपके जल को माथे लगाने की मची होड़, दर्शन के लिए लगी भीड़

Fri, 10 Feb 2023 11:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कंपनी बाग में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा से जल की बूंदें टपकने की जानकारी मिलने के बाद शहीद स्थल पर सुबह ही भीड़ लग गई। लोग प्रतिमा से हो रहे जल रिसाव को देखने और वजहें जानने के लिए पहुंचने लगे।
विज्ञापन
Prayagraj News : चंद्रशेखर आजाद पार्क। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कंपनी बाग में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा से जल की बूंदें टपकने की जानकारी मिलने के बाद शहीद स्थल पर सुबह ही भीड़ लग गई। लोग प्रतिमा से हो रहे जल रिसाव को देखने और वजहें जानने के लिए पहुंचने लगे। वहां प्रतिमा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु जल की बूंदों को माथे चढ़ाते रहे।

 

कंपनी बाग में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा से जल की बूंदें टपकने को लेकर जहां दिन भर भीड़ लगती रही, वहीं उद्यान विभाग भी कारणों को पता लगाने के साथ ही एजेंसी के साथ मंथन में जुटा रहा। धरोहरों का संरक्षण करने वाली संस्था इंटेक के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिमा स्थल का दौरा किया। इसके साथ ही उद्यान अधीक्षक उमेश उत्तम से चर्चा की। फिलहाल प्रतिमा की मरम्मत और सफाई के लिए शनिवार को विशेषज्ञों के पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद जल्द ही प्रतिमा की पॉलिश कराने के बाद मरम्मत आरंभ करा दी जाएगी।

इसके लिए धरोहरों का संरक्षण करने वाली एजेंसी को जल्द ही उद्यान विभाग की ओर से पत्र लिखा जाएगा। उद्यान अधीक्षक उमेश उत्तम ने बताया कि इंटेक की ओर से उद्यान परिसर में कुछ परियोजनाओं पर काम करने वाले प्रतिनिधियों से प्रतिमा से हो रहे जल रिसाव को लेकर विचार-विमर्श किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Prayagraj News : चंद्रशेखर आजाद पार्क। - फोटो : अमर उजाला।
1991 में लगी थी आदमकद प्रतिमा

कंपनी बाग में अंग्रेजों से घिर जाने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने 27 फरवरी 1931 को अपनी अमेरिकन कोल्ट पिस्तौल से कनपटी पर गोली मार ली थी। यहीं वह शहीद हो गए थे। इसी शहीद स्थल पर प्रदेश सरकार ने वर्ष 1991 में उनकी आदमकद कांस्य प्रतिमा लगाई थी। उद्यान विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस प्रतिमा की अब तक कभी पॉलिश नहीं कराई गई है। यह स्थल शहीद-तीर्थ के रूप में देशभर में विख्यात हो चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें