चार से पांच बार जा चुके हैं नेपाल
पुलिस की जांच में पता चला कि मुख्य सरगना विवेक यादव चार-पांच बार नेपाल जा चुका है। इसके अलावा राहुल और उसके अन्य साथियों के भी कई बार नेपाल जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन सभी का रिकॉर्ड खंगाल रही है। आशंका है कि इन आरोपियों ने सबसे ज्यादा जाली नोट 100 रुपये के खपाए हैं।
कई शहरों की पुलिस से साधा संपर्क
पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने देवरिया के अलावा, गाजीपुर, गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़, मऊ, कुशीनगर आदि शहरों में जाली नोटों की सप्लाई की है। ऐसे में पुलिस ने कई शहरों की पुलिस से संपर्क साधकर मामले की जानकारी दी है। पुलिस अफसरों का कहना है कि गैंग में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं।
सरगना पर 25 हजार का इनाम घोषित
जाली नोट मामले में फरार सरगना विवेक यादव पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि सरगना की गिरफ्तारी के बाद नकली नोट नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा होगा। उस पर इनाम घोषित कर गिरफ्तारी के लिए देवरिया व आसपास जिलों की पुलिस की भी मदद ली जा रही है।
साइबर पुलिस ने ठगी के 7.14 लाख रुपये कराए वापस
साइबर थाना पुलिस ने ठगी के चार माह बाद 7.14 लाख रुपये वापस कराए हैं। तीन दिसंबर 2025 को दर्ज एफआईआर के मुताबिक, राजरूपपुर कालिंदीपुरम निवासी विजय महेंद्रा ने बताया कि 28 अगस्त से 29 सितंबर 2025 के बीच कई बार में शेयर मार्केट में ऑनलाइन निवेश और अच्छे मुनाफे का प्रलोभन देकर 18.39 लाख रुपये जमा कराए गए। हालांकि, न तो मुनाफा मिला और न ही रुपये वापस किए गए। साइबर थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम ने बताया कि टीम ने 7.14 लाख रुपये होल्ड करवा दिए थे, जिन्हें शिकायतकर्ता के बैंक खाते में वापस करा दिया गया है। शेष धनराशि की रिकवरी और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास जारी है। उन्होंने अपील की है कि ठगी होने पर तत्काल 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।