इलाहाबाद (ब्यूरो)। कई दिनों से मध्य प्रदेश में हो रही बारिश के चलते केन, बेतवा जैसी नदियों के बढ़े हुए जलस्तर ने एक बार मुसीबत खड़ी कर दी है। इसका असर गंगा यमुना पर भी दिखाई देने लगा है। दोनों नदियों का जलस्तर जो लगातार घट रहा था, उसमें एक बार फिर बढ़ोतरी शुरू हो गई है।
सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 79.380 मीटर एवं छतनाग में 48.190 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं यमुना का जलस्तर नैनी में 78.850 मीटर दर्ज किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक सुबह आठ बजे से लेकर शाम चार बजे तक गंगा के जलस्तर में 66 सेमी और यमुना के जलस्तर में 60 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह के मुताबिक केन, बेतवा जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ने से गंगा यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि, गंगा के जलस्तर में वृद्धि यमुना के ‘बैक फ्लो वाटर’ की वजह है। दूसरी ओर दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते एक बार फिर तीर्थ पुरोहितों एवं घाटियों को सामान समेटकर पीछे हटना पड़ा।