अक्षय पुण्य की कामना से अक्षय तृतीया का पर्व सोमवार को श्रद्धापूर्वक मनाया गया। मंदिरों में विशेष पूजा एवं अनुष्ठान हुए। संगम सहित गंगा के विभिन्न घाटों पर स्नान और पितरों के निमित्त पिंडदान, तर्पण, दान आदि के लिए लोग जुटे। शगुन के तौर पर लोगों ने सोने-चांदी के आभूषण भी खरीदे। दारागंज स्थित भगवान वेणीमाधव मंदिर में भगवान वेणीमाधव की षोडसोपचार पूजा हुई। माधवजी को चंदन का लेप लगाया गया। पुरोहित विजय तिवारी, अभिषेक दुबे द्वारा पंचामृत स्नान कराया गया। पीत वस्त्र धारण कराए गए। पुष्प नैवेद्य, चने की दाल और तुलसी दल अर्पित किया। विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ हुआ। शाम को शृंगार आरती के बाद चरण दर्शन हुए। जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
सरस्वती घाट स्थित मनकामेश्वर मंदिर में अभिषेक पूजन को कतार लगी रही। सुबह चार बजे मंगला आरती के बाद
भक्तों ने गंगाजल, दूध बेल पत्र फूल शहद, घी, मिसरी से भगवान भोले नाथ का अभिषेक किया। ढोलक शंख मंजीरा, झांझ करतल के साथ ‘ॐ नम: शिवाय’ का अखंड जप हुआ। सह व्यवस्थापक प्रवीण नौटियाल की देखरेख में रात को लाल, सफेद गुलाब के फूलों से भोलेनाथ का शृंगार हुआ। वहीं बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर में निशान चढ़ाने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। जयघोष के साथ बजरंगबली को निशान अर्पित किया गया। दारागंज स्थित नागवासुकि मंदिर, मीरापुर स्थित ललिताघाम, अलोपशंकरी आदि मंदिरों में दर्शन पूजन करने वालों की भीड़ देर रात तक लगी रही।
ठाकुर जी का चंदन शृंगार
चौक गंगादास स्थित राधा रमण मंदिर में व्यवस्थापक शरद गोस्वामी की देखरेख में ठाकुर जी का चंदन से शृंगार हुआ। उसके बाद भजन कीर्तन की प्रस्तुति हुई। ‘हरे कृष्ण हरे हरे, जय हो गोपाल’ से मंदिर परिसर गूंजता रहा। ठाकुरजी का शृंगार दर्शन करने को देर रात तक लोगों की भीड़ रही।
दान देने वालों का लगा तांता
अक्षय तृतीया पर्व पर अक्षय पुण्य की कामना से संगम तट समेत गंगा के घाटों पर और मंदिरों के बाहर दान देने वालों का तांता लगा रहा। लोगों ने जल से भरा घड़ा, सत्तू, गुड़ राब, घड़ी, पंखा, चावल, दाल, नमक, घी चीनी, साग, तिल मिठाई, फल, जूता, चप्पल, खड़ाऊं आदि का दान किया। सरस्वती घाट स्थित मनकामेश्वर मंदिर, बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर, दारागंज स्थित भगवान वेणीमाधव आदि मंदिरों पर दान देने वालों की भीड़ रही।
अचल अहिवात के लिए गौरी पूजन
अक्षय तृतीया को सौभाग्यवती महिलाओं ने अखंड सौभाग्य के लिए मां गौरी का पूजन अर्चन किया। अविवाहित युवतियों ने अच्छा घर वर पाने के लिए शिव परिवार का विधिविधान से पूजन अर्चन किया।