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मुहुर्त : इंतजार खत्म, आज से गूंजेगी शहनाई, संगमनगरी में दो हजार से ज्यादा शादियां होने का अनुमान है

Thu, 23 Nov 2023 01:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

29 जून 2023 को श्रीहरि विष्णु योग निंद्रा में चले गए थे। इसी के साथ चातुर्मास शुरू हो गया। इस बार सावन अधिक मास के कारण चातुर्मास चार की जगह पांच माह का था। 23 नवंबर को चातुर्मास की अवधि पूरी हो रही है। इसी दिन श्री हरि फिर योग निंद्रा से बाहर आएंगे।
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marriage - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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चार माह से सोए देव बृहस्पतिवार देवोत्थान एकादशी पर जाग जाएंगे। इसके साथ ही संगम नगरी में शहनाई गूंजने लगेंगी और मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। नवंबर में छह और दिसंबर में शादी के सात शुभ मुहूर्त हैं। इन मुहूर्त में संगम नगरी में ही दो हजार से ज्यादा शादियां होने का अनुमान है। इससे यहां का व्यापार भी दोगुनी रफ्तार से दौड़ेगा।

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29 जून 2023 को श्रीहरि विष्णु योग निंद्रा में चले गए थे। इसी के साथ चातुर्मास शुरू हो गया। इस बार सावन अधिक मास के कारण चातुर्मास चार की जगह पांच माह का था। 23 नवंबर को चातुर्मास की अवधि पूरी हो रही है। इसी दिन श्री हरि फिर योग निंद्रा से बाहर आएंगे। इसी के शहनाइयां गूंजने लगेंगी। 15 दिसंबर तक लगन है। इसके बाद 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक खरमास में विवाह बंद रहेंगे।
यह हैं शुभ मुहूर्त

नवंबर: 23, 24, 25, 27, 28, 29

दिसंबर- 5, 6, 7, 8, 9, 11, 15

देवोत्थान एकादशी पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना होता है शुभ

सनातन धर्म में देवोत्थान एकादशी का व्रत सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिषाचार्य डॉ.अमिताभ गौड़ का कहना है कि इस दिन व्रत करने से एक जन्म नहीं, बल्कि कई जन्मों के पापों का नाश होता है। एकादशी पर तुलसी विवाह का आयोजन भी होता है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु सबसे पहले तुलसी की ही पुकार सुनते हैं। इसीलिए इस दिन तुलसी पूजन एवं तुलसी विवाह का आयोजन देव जागरण के पवित्र मुहूर्त के रूप में किया जाता है। ज्योतिष की दृष्टि से भी इस दिन का काफी महत्व है।

23 से 15 दिसंबर तक रहेगी शादियों की धूम

23 नवंबर से 15 दिसंबर तक शादियों की धूम रहेगी। इस दौरान मैरिज होम से लेकर गेस्ट हाउस एवं होटलों में शहनाई गूंजेगी। ऐसे में बैंडबाजों की बुकिंग भी बंपर है। देवोत्थान एकादशी के मौके पर सिर्फ प्रयागराज में ही 400 से ज्यादा शादियां होने का अनुमान है। एक डीजे बैंड के संचालक अजय ने बताया कि नए दौर की शादियों में लोग वेस्टर्न कल्चर की ओर रुख कर रहे हैं। भारी भरकम ट्रॉली साउंड के साथ लाइट बैंड पसंद किया जा रहा है। म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बैंड की डिमांड है।

कार की जगह घोड़ी ज्यादा पसंद कर रहे हैं दूल्हे

कार, रथ आदि की जगह घोड़ी पर बैठना अब दूल्हे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बहादुरगंज स्थित एक घोड़ी वाले शहजाद ने बताया कि इस बार बुकिंग अच्छी है। कहा कि घोड़ी की बुकिंग 2100 से लेकर 5100 रुपये में की जा रही है। उन्होंने बताया कि 70 फीसदी से ज्यादा शादियों में घोड़ी तो 10 फीसदी फूलों की बग्घी पसंद की जाती है।
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प्री वेडिंग शूट के लिए भी खास बना प्रयागराज

नये दौर की शादियों में प्री-वेडिंग शूट का चलन तेजी से बढ़ा है। मिडिल क्लास फैमिली भी प्री-वेडिंग शूट को अब प्राथमिकता देनी लगी है। प्रयागराज में भी प्री वेडिंग शूट अब बहुत हो रहे हैं। यहां सरस्वती घाट, रामबगिया शिवकुटी, अरैल, खुसरोबाग, फाफामऊ कर्जन पुल, नया यमुना पुल, संगम का किनारा प्री वेडिंग शूट के फेवरेट स्पॉट बन गए हैं। वरिष्ठ छायाकार शरद मालवीय का कहना है कि आसपास के जिलों के भी लोग यहां प्री वेडिंग शूट के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा यहां से चित्रकूट जाकर भी लोग प्री वेडिंग शूट करवाते हैं। वरिष्ठ छायाकार राजीव वार्ष्णेय का कहना कि राजस्थान, दिल्ली से भी अब लोग प्री-वेडिंग शूट के लिए प्रयागराज आने लगे हैं।
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