लालगोपालगंज में आयोजित रूहानी कान्फ्रेंस में देष में अमन व भाईचारा की दुआ करते मौालाना
सजाकर लब पे नात के अशआर बैठे हैं, हुआ महसूस जैसे सामने सरकार बैठे हैं। नात शरीफ का यह कलाम अंजुमन रफाहुल मुस्लमीन की ओर से मदरसा हबीबिया इस्लामिया में 117वें रूहानी कॉन्फ्रेंस में पेश किया गया। जलसे में देश के नामचीन उलेमाओं ने खिताब किया। इस दौरान छात्रों की दस्तारबंदी की गई।
मुख्य वक्ता मौलाना सैयद कलीम अशरफ जायसी ने कहा कि इस्लाम में शिक्षा का सर्वोच्च स्थान है। शिक्षा के बिना इन्सान अपने रब व समाज के प्रति जिम्मेदारियों को नहीं पहचान सकता। मौलाना सैयद जमाल अशरफ ने कहा कि सच्चा मुसलमान वही है, जिसका आचरण दूसरों के लिए अच्छा हो। कांफ्रेंस को मुफ्ती मोहम्मद सलीम मिस्बाही, मुफ्ती मंसूर अहमद ने भी खिताब किया।
शायर अब्दुल वकील, शाहिद इलाहाबादी ने नातिया कलाम व मनकबत पेश कर वाहवाही लूटी। मुफ्ती मुस्लेह उद्दीन कादरी ने देश में अमन-चैन की दुआ कराई। संचालन मौलाना शाबान फारूकी और संयोजक डॉ. मोइजुल्ला फारूकी ने आभार जताया। यहां पूर्व चेयरमैन मुख्तार अहमद, तारिक फारूकी, पूर्व सभासद अबरार फारूकी, रईद अहमद इदरीसी, मास्टर महमूद अहमद, एडवोकेट अरशद, इमरान कलीम, शाहिद फारूकी आदि रहे।