धूमनगंज में 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद पुलिस ने अतीक के घर पर छापा मारा था। वहां अतीक के दो नाबालिग बेटे मिले थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने धूमनगंज के बाल सुधार गृह में दाखिल करा दिया था।
दिल्ली से शहर पहुंची एक टीम ने बृहस्पतिवार को राजरूपपुर बाल सुधार गृह में रह रहे अतीक के दोनों नाबालिग बेटों का हालचाल लिया। टीम ने दोनों से खाने और साफ पानी मिलने के बारे में जानकारी ली। दवा तथा अन्य सुविधाओं के बारे में भी उनसे बातचीत की। एनजीओ ने यह भी पता लगाने का प्रयास किया कि उनका किसी तरह का कोई उत्पीड़न तो नहीं हुआ। इस दौरान बाल सुधार गृह के अधिकारी और डीपीओ भी मौजूद रहे। टीम में एनजीओ के लोग और वकील शामिल रहे।
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धूमनगंज में 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद पुलिस ने अतीक के घर पर छापा मारा था। वहां अतीक के दो नाबालिग बेटे मिले थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने धूमनगंज के बाल सुधार गृह में दाखिल करा दिया था। बृहस्पतिवार को दिल्ली से एनजीओ की एक टीम बाल सुधार गृह पहुंची और अतीक के दोनों बेटों का हालचाल लिया। इस दौरान उनसे पूछा गया कि उन्हें क्या खाना मिलता है, साफ पानी मिलता है या नहीं। तबीयत खराब होने पर डॉक्टर और दवाओं की क्या व्यवस्था रहती है। उन पर कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई तो नहीं की गई।