उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएसी) ने विज्ञापन संख्या 47 के तहत समाज शास्त्र विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा की अंतिम एवं संशोधित उत्तर कुंजी मंगलवार को जारी कर दी। अंतिम उत्तर कुंजी में विषय के कुल सात सवालों को डिलीट किया गया है। इतनी अधिक संख्या में गलत सवाल पूछे जाने पर आयोग के विशेषज्ञों की योग्यता पर फिर सवाल उठने लगे हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि कुछ सही सवालों को भी डिलीट कर दिया गया है।
प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में समाज शास्त्र में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए परीक्षा 12 जनवरी को आयोजित की गई थी। आयोग अन्य विषयों के साथ सामान्य अध्ययन की उत्तर कुंजी पहले ही जारी कर चुका है और सामान्य अध्ययन के चार सवालों को पहले डिलीट किया जा चुका है। मंगलवार को जारी समाज शास्त्र की संशोधित उत्तर कुंजी में सात सवालों को भी हटा दिया गया। समाज शास्त्र विषय की बुकलेट सिरीज ‘ए’ से सवाल संख्या 31, 62, 81, 85, 86, 96 और 99 को डिलीट किया गया है। अभ्यर्थियों का दावा है कि अनंतिम उत्तरकुंजी में कुछ ऐसे सवाल थे, जिन जवाब आयोग ने सही माना था लेकिन अब उन्हें गलत मानते हुए डिलीट कर दिया है जबकि सवाल सही थे।
‘समाज शास्त्र, सामाजिक भौतिकी है’, आयोग ने इसे डिलीट कर दिया है जबकि पहले इसका उत्तर ‘अगस्त काम्टे’ सही था। इसी तरह सवाल है, ‘मार्क्सवादी विश्लेषण में मध्य वर्ग की अवधारणा प्रतिपादित की’, आयोग ने अंतिम उत्तरकुंजी में इसका सही उत्तर ‘रेमंड एरां’ माना है जबकि सही उत्तर ‘डेटरनडार्फ’ है। सही उत्तर विकल्प में शामिल भी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जिस विशेषज्ञ को अगस्त काम्टे के बारे में जानकारी नहीं है, वह विशेषज्ञ के रूप में रहने के योग्य नहीं है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि आयोग ऐसे विशेषज्ञों को हमेशा के लिए डिबार कर दे। इसके अलावा भी कई सवाल सही होने के बावजूद अंतिम उत्तरकुंजी में डिलीट किए गए हैं।
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एपीआई में 18 जुलाई तक जुड़ेंगे शोध पत्र के अंक
प्रयागराज। अशाकीय कॉलेजों में विज्ञापन संख्या 49 के तहत प्राचार्य पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग से मांग की थी कि एपीआई के लिए स्वीकृत शोध पत्रों और पुस्तक के अध्यायों के लेखन पर दिए जाने वाले अंकों के बारे में स्थिति स्पष्ट की जाए। आयोग ने अब स्थिति स्पष्ट कर दी है। आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन करते समय स्वीकृत शोधपत्रों एवं पुस्तक के अध्यायों के लेखन का उल्लेख्श किया है। अगर वे एपीआई प्राप्त करने की अंतिम तिथि 18 जुलाइ तक स्वीकृत शोध पत्रों और पुस्तक के अध्यायों की मूल प्रति (हार्ड कॉपी) के साथ स्वीकृति पत्र आयोग कार्यालय में उपलब्ध कराते हैं तो एपआईआई के लिए यूजीसी से निर्धारित अंक उन्हें प्रदान किए जाएंगे।