दो दिन पहले आई आंधी और बूंदाबांदी से मिली राहत के बाद शुक्रवार को सुबह से सूरज के तल्ख तेवरों ने लोगों को बेहाल कर दिया। गर्मी अधिक होने के कारण मासूम भी बीमार पड़ने लगे हैं।
अस्पताल और निजी चिकित्सालयों में सर्दी, खांसी एवं डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान में हो रहे बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है। केवल बच्चे ही नहीं, बल्कि अस्थमा व हृदय रोगियों के लिए भी यह समय काफी नाजुक साबित हो रहा है।
सुबह 10 बजे से ही तेज धूप के कारण ग्रहकों के अभाव में बाजार में व्यापारिक गतिविधियां ठप रहीं। हालांकि शाम चार बजे के बाद पारे में आई गिरावट के साथ चहल-पहल बढ़ गई।
बचाव के लिए बरतें सावधानियां
- तेज धूप में निकलने से बचें, सिर व चेहरा कपड़े से ढककर निकलें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें, तरल पदार्थों का सेवन करें।
- बासी भोजन और बाहर के कटे हुए फलों से परहेज करें।
- बच्चों को एसी अथवा कूलर की हवा से तुरंत धूप में न भेजें।
- मौसम में उतार-चढ़ाव से ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। खासकर छोटे बच्चे डायरिया और डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। खान-पान में जरा सी लापरवाही इस मौसम में नुकसान पहुंचा सकती है। - अमरेश वर्मा, सीएचसी प्रभारी, कौड़िहार।