खास बात यह है कि इसके प्रस्तावित रूट में कुछ ऐसे स्टेशन भी शामिल हैं, जिसकी प्रयागराज से अभी तक सीधी रेल कनेक्टिविटी नहीं है। इसमें कासगंज, बदायूं, लालकुआं, हल्द्वानी स्टेशन प्रमुख रूप से शामिल हैं। अभी काठगोदाम के लिए प्रयागराज के लोगों को लखनऊ या फिर बरेली, रामपुर जाकर ट्रेन पकड़नी होती है।
प्रयागराज से नैनीताल की राह आसान होगी। आने वाले दिनों में नैनीताल के निकटवर्ती स्टेशन काठगोदाम के लिए प्रयागराज से सीधी ट्रेन की सौगात मिल सकती है। इसको चलाने की अर्जी रेलवे बोर्ड तक पहुंच चुकी है। अब रेलवे बोर्ड द्वारा उत्तर मध्य रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे से इसकी फीजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके बाद इस ट्रेन को चलाए जाने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसी वित्तीय वर्ष ट्रेन को शुरू भी किया जा सकता है।
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खास बात यह है कि इसके प्रस्तावित रूट में कुछ ऐसे स्टेशन भी शामिल हैं, जिसकी प्रयागराज से अभी तक सीधी रेल कनेक्टिविटी नहीं है। इसमें कासगंज, बदायूं, लालकुआं, हल्द्वानी स्टेशन प्रमुख रूप से शामिल हैं। अभी काठगोदाम के लिए प्रयागराज के लोगों को लखनऊ या फिर बरेली, रामपुर जाकर ट्रेन पकड़नी होती है। नैनीताल के निकट होने की वजह से प्रयागराज से काठगोदाम के लिए लंबे समय से सीधी ट्रेन चलाए जाने की मांग चल रही है।
इसी वजह से सांसद केशरी देवी पटेल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर काठगोदाम के लिए सीधी ट्रेन चलाए जाने की मांग की है। इस ट्रेन को प्रयागराज से फतेहपुर, कानपुर सेंट्रल, कानपुर अनवरगंज, कन्नौज, फर्रुखाबाद, कासगंज, बदायूं, बरेली सिटी, इज्जत नगर, लालकुआं, हल्द्वानी होते हुए काठगोदाम तक चलाने की मांग की गई है। इस रेलमार्ग से प्रयागराज से काठगोदाम की दूरी 650 किमी के आसपास पड़ेगी।
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बता दें प्रयागराज से कानपुर सेंट्रल तक का रूट उत्तर मध्य रेलवे के अधीन है। इसके बाद का मार्ग पूर्वोत्तर रेलवे में शामिल है। अगर इसका संचालन शुरू होता है तो प्रयागराज से पहली बार कासगंज, बदायूं, लालकुआं, हल्द्वानी के लिए सीधी ट्रेन मिल जाएगी। इस ट्रेन के शुरू होने से उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के तमाम स्थानों की ओर जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सांसद का कहना है कि रेलवे बोर्ड को यह प्रस्ताव अभी हाल ही में भेजा गया है।