इलाहाबाद (ब्यूरो)। शहर दक्षिणी के बाद अब अगले माह से शहर उत्तरी के ब़ड़े हिस्से में भी सीवर पाइप लाइन बिछाने की शुरुआत होगी। इसके बाद क्षेत्र से सीवर की समस्या से निजात मिलेगी लेकिन इससे पहले काम के दौरान तकरीबन दो वर्षों तक लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई शिवकुटी से गोविंदपुर होकर सलोरी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक 135 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने जा रहा है। यह काम दो वर्षों में पूरा होना है। वैसे करीब चार वर्ष पहले काम के दौरान जिस तरह बिना किसी सुरक्षा के काम हुआ और उस दौरान लोगों को जिस तरह से दिक्कतें हुई, कई दुर्घटनाएं भी हुईं, इस बार भी समस्याएं होना तय है।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को सीवर लाइन बिछाने के लिए राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (एनजीआरबीए) से146 करोड़ रुपये मिले हैं। इससे शिवकुटी, महावीर पुरी, चिल्ला, गोविंदपुर, सलोरी, बघाड़ा, होकर सलोरी एसटीपी तक सड़क, गलियों में सीवर लाइन बिछाई जानी है। यह काम अगले माह शुरू होकर दो वर्ष में पूरा होगा। इस दौरान जगह-जगह चैंबर बनाने के लिए सड़कों पर गहरी खोदाई होगी जिससे आम लोगों को दिक्कतें होना तय है। करीब चार वर्ष पहले ममफोर्डगंज में सीवर चैंबर के लिए गड्ढा खोदने के दौरान मिट्टी धंसने दो मजदूरों की मौत हो गई थी। म्योराबाद और फिर सुलेमसराय में भी मिट्टी धंसने की घटना हो चुकी है।
सीवर लाइन बिछाने में सुरक्षा के उपाय न होने के कारण अन्य कई मोहल्लों में भी इस तरह की घटनाएं हुईं। इकाई के परियोजना प्रबंधक जेपी मणि का कहना है कि इसके लिए कंपनी को सुरक्षा के इंतजाम करने होंगे। काम के लिए वर्ल्ड बैंक से क्लीयरेंस मिल गई है। अब कंपनी को करीब 14 करोड़ रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करनी है। कंपनी अप्रैल में काम शुरू करेगी।