केंद्रीय कर्मियों को इस साल संपत्ति का ब्यौरा नहीं देना होगा। लोकपाल एवं लोकायुक्त एक्ट-2013 के बदले जाने के बाद अब संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए बनाए गए रूल में भी संशोधन किया जा रहा है। संशोधन के साथ नया रूल लागू होने तक कर्मचारियों को संपत्ति का ब्यौरा देने से छूट दे दी गई है। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद बदले प्रारूप में कर्मचारियों को संपत्ति का ब्यौरा देना होगा। इस बाबत केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
लोकपाल एवं लोकायुक्त एक्ट-2013 के तहत 2014 में रूल बने थे कि केंद्रीय कर्मचारी अपनी संपत्ति का ब्यौरा प्रस्तुति करेंगे। इसके लिए एक प्रारूप भी निर्धारित किया गया था। हालांकि ज्यादातर कर्मचारियों ने संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया। इसके लिए बार-बार तिथि बढ़ाई गई। इसकी अंतिम तिथि दिसंबर 2016 निर्धारित की गई लेकिन अब कर्मचारियों को संपत्ति का ब्यौरा जमा करने से छूट दे दी गई है। डीओपीटी की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि ‘लोकपाल एवं लोकायुक्त एक्ट-2013’ में संशोधनों के बाद ‘लोकपाल एवं लोकायुक्त एक्ट-2016’ लागू किया गया है।
ऐसे में 2013 में बना एक्ट मान्य नहीं रह गया है। 2013 के एक्ट के तहत ही संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए नियम बनाए गए थे लेकिन एक्ट में संशोधन के बाद अब इस नियमों में भी बदलाव किया जाना है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ऐसे में कर्मचारियों को फिलहाल संपत्ति का ब्यौरा नहीं देना है। संशोधन के साथ बदला नियम लागू होने पर नए प्रारूप में ही कर्मचारियों को संपत्ति का ब्यौरा देना होगा।