कौड़िहार ब्लॉक की 28 ग्राम सभाओं के उपभोक्ता पांच वर्षों से जल निगम की टोटियों से पानी के लिए तरस रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण दूरदराज से पानी लाने के लिए मजबूर हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विदेशी संस्था डच के सहयोग से वर्ष 1981 में कौड़िहार स्थित पानी की टैंक की स्थापना की गई थी। करीब साढ़े पांच साल पहले जल निगम के पंप का रिबोर कराया गया था। रिबोर होने के बाद से ही सप्लाई ठप हो गई। लोगों का कहना हे कि नियमतः पाइपलाइन को एक मीटर नीचे दबाया जाना चाहिए लेकिन महज एक से डेढ़ फीट की गहराई पर पाइपलाइन डालकर खानापूर्ति की जा रही है।
- पांच साल से सरकारी नल में पानी नहीं आया। पाइपलाइन डाली जा रही है लेकिन इतनी ऊपर कि सड़क बनते ही वह टूट जाएगी। -श्याम नारायण पांडेय, गांव टिकरी
- भीषण गर्मी में हैंडपंप साथ छोड़ रहे हैं। 28 गांवों की प्यास बुझाने वाली योजना भ्रष्टाचार के कारण दम तोड चुकी है। अधिकारियों को हमारी तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है।- कुंजन चौरसिया, गांव बुदौना
- कौड़िहार क्षेत्र में जल संकट अब मानवीय त्रासदी का रूप ले रहा है। यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं हुआ, तो करोड़ों रुपये की यह योजना फिर से मिट्टी में मिल जाएगी।-पप्पू पासी, प्रधान टिकरी
-कई साल से पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नुमाइंदगी कराने वालों को जनता की समस्या नही दिख रही है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को उनकी तकलीफों से कोई मतलब नहीं है।-डॉ. आरआर मौर्य, नवाबगंज
-कौड़िहार ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति की समस्या की जानकारी मिली है। बीते कुछ महीने पहले अधिकारियों ने बताया था कि जलापूर्ति बहाल कर दी गई है। यदि ऐसा नहीं है तो संबंधित अधिकारियों से बात कर समस्या को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।- गुरु प्रसाद मौर्य, विधायक फाफामऊ
-अभी हाल में आया हूं। मुझे नहीं मालूम की कौड़िहार पेयजल जल योजना की क्या स्थिति है। उपभोक्ताओं को पानी क्यों नहीं मिल रहा है, जेई से बात करूंगा। -सुरेंद्र सिंह परमार, अधिशासी अभियंता, जलनिगम