प्रमुख सचिव से बोले मरीज, साहब- बाहर से कराया है सीटी स्कैन, दवाएं भी नहीं मिलतीं
अव्यवस्था देख बिगड़े नोडल अधिकारी डा. रजनीश दुबे, एसआईसी को लगाई फटकार
डीएम करेंगे जांच, 15 दिसंबर तक पीएमएसएसवाई का काम हो पूरा
प्रयागराज। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा और जिले के नोडल अधिकारी डॉ. रजनीश दुबे को एसआरएन अस्पताल के निरीक्षण में बृहस्पतिवार को खामियों का पुलिंदा मिला। सिर्फ दो मरीजों से बातचीत के दौरान गड़बड़ियों का सच सामने आ गया। नर्सों की उपेक्षा, डॉक्टरों का तिरस्कार और बाहर से दवाएं मंगाने और सीटी स्कैन जैसी महंगी जांच अस्पताल के बाहर कराने का मामला सामने आया। यह भी शिकायत रही कि भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं है, दाल पानी की तरह और रोटी सूखी रहती है। शौचालयों में गंदगी-दुर्गंध, उखड़ी टोटियां, गायब पाइप अव्यवस्था का सच बताने के लिए काफी थे।
महिला वार्ड के निरीक्षण के दौरान बदइंतजामी देखकर नोडल अधिकारी का पारा अचानक चढ़ गया। मरीज ने बताया कि उसका सीटी स्कैन बाहर से कराया गया है। इस पर प्रमुख सचिव ने रिपोर्ट मंगवाई लेकिन, आधे घंटे बाद कार्रवाई की चेतावनी पर यह मिल सकी। वहीं, अन्य मरीजों ने बताया कि बाहर के मेडिकल स्टोरों पर उपलब्ध दवाएं ही मंगाई जाती हैं। संबंधित पर्ची और अभिलेख जब्त कर उन्होंने साथ रहे जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी से जांच कर रिपोर्ट भेजने और कार्रवाई की बात कही। निर्देश दिए कि सीटी स्कैन के लिए पहले दो फिर तीन शिफ्टों में काम कराएं, तीन अतिरिक्त टेक्निीशियन आउटसोर्सिंग पर रखें। अभी औसतन 15 सीटी स्कैन प्रतिदिन किए जा रहे हैं, जिन्हें 100 तक पहुंचाया जाए। यह भी पता चला कि अस्पताल में सीटी के लिए 600 रुपये निर्धारित हैं, जबकि मरीज को बाहर दो से ढाई हजार रुपये देने पड़ते हैं। इसमें भी डॉक्टरों का भारी कमीशन होता है।
शासन के दूत बनकर आए प्रमुख सचिव डॉ. दुबे ने सबसे पहले हॉस्पिटल में कराए जा रहे कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। निर्माणाधीन पीएमएसएसवाई भवन का करीब दो घंटे का निरीक्षण कर टाइल्स और दीवारों की नाप कराई। निर्देश दिए कि समय पर कार्य को पूरा न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। निर्माण कार्यों की उन्होंने एमएनएनआईटी और पीडब्ल्यूडी से जांच कराने के साथ थर्ड पार्टी जांच भी कराने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंदगी फैली देख उन्होंने नाराजगी जताई। सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। बोले कि मरीजों की सीटी या अन्य जांच बाहर से कराई या बाहर की दवा लिखी या मंगाई तो संबंधित डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चीफ फार्मासिस्ट को निर्देश दिए कि हर महीने की पहली तारीख को सभी विभागाध्यक्षों और डॉक्टरों को अस्पताल स्टोर में मौजूद दवाओं की सूची हर हालत में उपलब्ध करा दी जाए। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने सुरक्षा के लिए गार्ड न होने की बात कही तो उन्होंने कहा सैनिक कल्याण निगम से 36 गार्डों को आउटसोर्सिंग पर रखें, लेकिन व्यवस्था में सुधार करें।
आयुष्मान योजना के लिए दो अतिरिक्त
काउंटर, 60 गोल्डेन कार्ड प्रतिदिन बनाएं
आयुष्मान योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए प्रमुख सचिव ने इस योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे, इसके लिए दो अतिरिक्त काउंटर खोल कर 60 गोल्डेन कार्ड प्रतिदिन अनिवार्य रूप से बनाए जाएं। आयुष्मान योजना के तहत भर्ती मरीजों को सभी दवाएं अमृत या जन औषधि केंद्र और जांचें अस्पताल की पैथालॉजी से ही कराई जाएं। उन्होंने योजना के लाभार्थियों की दवाएं, इंप्लांट आदि पीतांबरा फार्मेसी से ही खरीद पर रोक लगा दी। साथ ही लाभार्थियों के लिए इंप्लांट को नई नीति बनवाने के बारे में जानकारी दी।
20 हजार लीटर क्षमता का लिक्विड
आक्सीजन का नया प्लांट लगवाएं
प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में 20000 लीटर क्षमता का लिक्विड ऑक्सीजन का एक और संयत्र स्थापित कराने का निर्देश दिए। ताकी अस्पताल और नवनिर्मित पीएमएसएसवाई के शुरू होने पर मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप ऑक्सीजन की उपलब्धता कराई जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि आवश्यक सभी उपकरणों को तय समयसीमा के अंदर मंगाएं, शेष उपकरणों को जनवरी के अंत तक आवश्यक रूप से मंगा लिया जाए। उन्होंने एसटीपी के कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए कार्य को जनवरी तक पूरा करने के निर्देश दिए।
स्मार्ट सिटी योजना से कराएंगे इंफ्रास्ट्रक्चर, पार्किंग का विकास
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने एसआरएन अस्पताल में पार्किंग, इंफ्राट्रक्चर, शौचालय आदि का कार्य स्मार्ट सिटी योजना से कराने का मास्टर प्लान बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। प्रमुख सचिव ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए अपनी स्वीकृति प्रदान की और मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। प्रमुख सचिव ने हॉस्पिटल में कराए जा रहे सीवरेज कार्य, एसटीपी, लिफ्ट, कैथ लैब, सीटी स्कैन एवं अन्य कार्यों को पूरा करने के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित करते हुए समय पर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
एसआईसी पर बिगड़े, बोले क्या देखते हो, नाप दूंगा....
नोडल अधिकारी डॉ. रजनीश दुबे ने एसआरएन अस्पताल के निरीक्षण के दौरान एक नहीं, कई बार एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव पर बिगड़े। लिफ्ट की खराबी, गंदगी, स्टाफ, अव्यवस्था पर जब कुछ पूछते तो वह चुप हो जाते, जवाब देते वह संतुष्ट करने वाला नहीं होता। प्रमुख सचिव ने दो बार उनसे कहा, व्यवस्थाओं में सुधार लाएं, लिफ्ट कल तक शुरू कराएं नहीं तो नाप दूंगा, स्वास्थ्य विभाग में ही नजर आएंगे। जेई को प्रमुख सचिव ने तलब किया तो उन्होंने बताया कि वह सिर्फ सिविल कार्य देखते हैं, अस्पताल में अन्य कार्य एसआईसी ही कराते हैं। इस पर प्रमुख सचिव ने दूसरी बार कहा, आप क्या देखते हैं. हर तरफ बदइंतजामी हावी है। इसमें सुधार लाएं, अगले महीने आएंगे तो कार्रवाई करके ही जाएंगे। उन्होंने कहा कि समय पर काम पूरा न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जायेगी।