गंगा और यमुना दोनों के रफ्तार पकड़ने से संगम नगरी पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। दोनों नदियों के जलस्तर में एक दिन में ही तीन सौ सेंटीमीटर से अधिक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। केन, बेतवा, टोंस और बेलन नदी में जल स्तर बढ़ने से यमुना सबसे अधिक उफान पर हैं। छतनाग में गंगा का जलस्तर शुक्रवार के 74.05 मीटर से बढ़कर शनिवार को 77.37 मीटर पर पहुंच गया है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। सिंचाईं विभाग की टीम लगातार बाढ़ पर नजर बनाए हुए हैं।
बृहस्पतिवार को फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 73 मीटर के करीब था जो शनिवार को बढ़कर 77.37 मीटर पर पहुंच गया जबकि छतनाग के जलस्तर पर एक दिन के पहले के मुकाबले में 3.24 मीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। यमुना में जलस्तर में 24 घंटों में कुल 3.44 मीटर की बढ़ोत्तरी हुई। इससे जलस्तर 74.45 मीटर से बढ़कर 77.89 पर पहुंच गया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यमुना के जलस्तर में ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है। इससे संगम का नजारा बदल गया है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। विभाग की ओर से सुबह और शाम दोनो वक्त मॉनीटरिंग की जा रही है।