मूल अक्षयवट आगे भी खुला रखने का निर्णय
अक्षयवट के मार्ग पर मैटिंग करा दी गई है। एक लेन से श्रद्धालु प्रवेश करेंगे और दूर से दर्शन करते हुए दूसरी लेन से निकलकर पातालपुरी और सरस्वती कूप में दर्शन के लिए जा सकेंगे। सरस्वती कूप में दर्शन के बाद श्रद्धालुओं का निकाल त्रिवेणी मार्ग पर होगा। सीओ दारागंज ने अक्षयवट खोलने से पहले सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि हर प्वांट पर एचडी कैमरे लगा दिए गए हैं, ताकि हर गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही किले के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर व थर्मल स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था होगी। हैंडवाश करने के बाद ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। धार्मिक स्थलों के अनलॉक होने के बाद सुरक्षा कारणों से अभी तक मूल अक्षयवट व सरस्वती कूप के फाटक नहीं खोले जा सके थे।
इससे किले में स्थित पातालपुरी व रामजानकी मंदिर में भी भक्तों का प्रवेश बंद था। इस बीच लॉकडाउन खुलने से संगम पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं और पुजारियों के आग्रह पर प्रयागराज मेला प्रशासन ने 508 आर्मी बेस वर्कशॉप के अधिकारियों से वार्ता की , लेकिन सुरक्षा कारणों का हावाला देते हुए अक्षयवट व पातालपुरी को खोलने पर निर्णय नहीं लिया जा सका।
बृहस्पतिवार को प्रयागराज मेला प्राधिकरण की बैठक में सेना के अफसरों ने सुरक्षा मानकों व कोविड-19 के नियमों का पालन कराते हुए अक्षयवट खोलने पर सहमति जताई। कोट शनिवार की सुबह से दो पालियों में अक्षयवट और सरस्वती कूप में आम भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा। सहज दर्शन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोविड-19 के नियमों का पालन कराते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए श्रद्धालुओं को प्रवेश दिलाया जाएगा। रजनीश कुमार मिश्र, प्रभारी अधिकारी, प्रयागराज मेला प्राधिकरण।