फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में अंतिम दिन पूर्व सांसद अतीक अहमद ने भी नामांकन कराकर सभी को हैरत में डाल दिया। दो दिन पहले तकउनके चुनाव लड़ने की कोई चर्चा नहीं थी। 24 घंटे पहले उनके नामांकन पत्र खरीदने के साथ ही हलचल शुरू हुई और परचा दाखिल करते ही नए समीकरणों को लेकर सियासी हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि उनके मैदान में उतरने से मुस्लिम वोटों का गणित प्रभावित होगा।
फूलपुर से सांसद रह चुके बाहुबली अतीक अहमद अभी सपा के सदस्य ही हैं। पार्टी ने तो नागेंद्र सिंह को उतारा है लेकिन उन्होंने निर्दल नामांकन कराया है। उनके नामांकन के बाद समाजवादी पार्टी के नेता इसे भाजपा के पक्ष में वोट काटने की रणनीति बता रहे हैं।
फूलपुर से 2004 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा पहुंचे अतीक अहमद की क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। ऐसे में उनके निर्दल मैदान में आने से मुस्लिम समाज के साथ उनकेसमर्थक मतदाता चुनावी गणित को प्रभावित कर सकते हैं। समाजवादी पार्टी के महानगर महासचिव योगेश यादव का कहना है कि अतीक भाजपा के दबाव में आकर मैदान में उतरे हैं, वह वोटकटवा की भूमिका में मैदान में आए हैं। उन्होंने कहा कि अतीक भाजपा के दबाव में आकर सांप्रदायिक ताकतों से समझौता कर रहे हैं। शहर महासचिव का कहना है कि उनके बारे में फूलपुर के मतदाता जान रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतीक अभी समाजवादी पार्टी में हैं, पार्टी का प्रदेश नेतृत्व उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय ने अतीक के नामांकन को भाजपा की चाल बताया है। भाजपा अपनी पराजय बचाने के लिए वोट के ध्रुवीकरण की कोशिश कर रही है।
अतीक अहमद ने देवरिया जेल से भरा पर्चा
देवरिया। जिला जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद ने इलाहाबाद की फूलपुर लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में देवरिया जेल से पर्चा भरा है। वकील के माध्यम से उन्होंने पर्चा दाखिल करने की कार्रवाई पूरी की। वकील तीन सेट में पर्चा लेकर मंगलवार की सुबह ही जिला जेल पहुंचे थे। यहां जेल अधीक्षक ने कार्रवाई पूर्ण कराने में सहयोग किया।