ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के संगम नगरी में होने जा रहे राष्ट्रीय अधिवेशन में शिरकत करने के लिए देश के तमाम जोनल रेलवे से 20 हजार रेलकर्मी पहुंच रहे हैं। इसके लिए दस स्पेशल ट्रेनें भी विभिन्न स्थानों से चलेंगी। राष्ट्रीय अधिवेशन में रेलकर्मियों से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा होगी। अधिवेशन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को एआईआरएफ के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र भी इलाहाबाद पहुंचे। यहां उन्होंने केपी ग्राउंड का निरीक्षण किया। दरअसल एआईआरएफ का अधिवेशन केपी कॉलेज ग्राउंड में ही होना है।
आठ से दस नवंबर तक होने वाले अधिवेशन में सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों का मामला भी जोर शोर से उठेगा। सिविल लाइंस स्थित एक रेस्टोरेंट में मीडिया से मुखातिब एआईआरएफ महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने बताया कि 1924 में एआईआरएफ की स्थापना हुई। इलाहाबाद में यह अधिवेशन पहली बार आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का आयोजन नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) की ओर से किया गया है।
कहा कि यह अधिवेशन ऐसे समय में हो रहा है जब रेलवे में बदलाव की मुहिम चल रही है। रेल का घाटा लगातार बढ़ रहा है। एनसीआरएमयू के महामंत्री आरडी यादव, मंडल मंत्री एसएन ठाकुर, वीरेंद्र सिंह, शंभूलाल, एके भारद्वाज, आरएन सिंह, विष्णु पांडेय आदि की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि सातवें वेतन आयोग के मुद्दे, जिसमें न्यूनतम वेतन एवं फिटमेन फार्मूले में कोई सुधार नहीं हो रहा है। न्यू पेंशन योजना पर बनी कमेटी ने भी अपना काम शुरू नहीं किया है। ऐसे ही कई अन्य मुद्दों पर अधिवेशन में चर्चा होगी।