फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस ने की भाजपा सांसद विनोद से धक्का-मुक्की, हंगामा

Wed, 15 Apr 2015 11:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस लाठीचार्ज में घायल एबीवीपी कार्यकर्ता को बेली अस्पताल में देखने पहुंचे कौशांबी सांसद विनोद सोनकर के साथ भी बुधवार की रात में धक्का-मुक्की हो गई। सांसद ने आरोप लगाया कि सीओ सिविल लाइंस और इंस्पेक्टर ने उनके साथ हाथापाई का प्रयास किया। गनर ने बचाया न होता तो पुलिस उनके साथ मारपीट भी करती। उधर, घटना के बाद सांसद ने अस्पताल परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। पुलिस ने उठाया तो स्टैनली रोड पर ब्लड बैंक के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा काटा। बाद में फूलपुर सांसद केशव प्रसाद मौर्य के भी पहुंच जाने पर कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। बाद में दोनों सांसद डीएम आवास पहुंच गए और देर रात तक धरने पर बैठे रहे। बृहस्पतिवार को भाजपा के किसी बड़े नेता के पहुंचने की संभावना है।
विज्ञापन


लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अनिल यादव की बर्खास्तगी और भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलित एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रों पर पुलिस ने लाठी भी भांजी। कार्यकर्ता वेद प्रकाश को गंभीर चोटें आने पर भाजपा और आरएसएस नेताओं ने बेली अस्पताल में भर्ती कराया। रात करीब आठ बजे कौशांबी सांसद अस्पताल पहुंचे। उसी दौरान पुलिस भी मेडिकल कराने के लिए एबीवीपी के गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंच गई। सांसद का आरोप है कि वेद प्रकाश को देखने पहुंचे थे। गिरफ्तार कार्यकर्ता दिखे तो उनके बारे में पूछताछ करने पर पुलिस बेकाबू हो गई। पहले बदसलूकी की। अपशब्द बोले गए। इसके बाद धक्का-मुक्की की। उन्होंने सीओ सिविल लाइंस, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस पर धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया। सांसद पुलिस की गाड़ी के आगे बैठ गए। हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने सांसद को हटाया।

पुलिस सांसद को लेकर आगे बढ़ी तो ब्लड बैंक के पास सांसद उतर गए। सूचना मिलने पर सांसद केशव प्रसाद मौर्य और पार्टी नेता व कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में पहुंच गए। प्रदर्शन के बाद सभी सरकिट हाउस चले गए। प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी को घटना की जानकारी देने के बाद सांसद पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की मांग लेकर डीएम आवास घेरने की रणनीति बनाई गई। इसके बाद दोनों सांसद डीएम आवास पहुंचकर धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें