साउथ मलाका में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य, बेटी मीनाक्षी वैश्य और बेटे अभिषेक वैश्य की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। चौथे दिन भी इलाके में हालात सामान्य नहीं हो सके।
जिस मार्केट में रोज सुबह से देर रात तक ग्राहकों और व्यापारियों की चहल-पहल रहती थी वहां अब तक सन्नाटा पसरा हुआ है। कई दुकानें बंद रहीं, जबकि खुली दुकानों पर भी कारोबार प्रभावित दिखाई दिया।घटनास्थल के बाहर दिनभर अभी भी जमावड़ा लग रहा। आने-जाने वाले राहगीर कुछ देर रुककर वारदात के बारे में जानकारी लेते रहे।
स्थानीय लोग छोटे-छोटे समूहों में खड़े होकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखाई दिए। हर किसी के मन में यही सवाल था कि आखिर एक ही परिवार के चार सदस्यों की इतनी बेरहमी से हत्या कैसे कर दी गई।
मार्केट में नहीं लौटी रौनक
स्थानीय लोगों का कहना है कि हत्याकांड के बाद पूरे बाजार का माहौल बदल गया है। जिन दुकानों पर रोज ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी, वहां अब सन्नाटा दिखाई दे रहा है। कई दुकानदार घटना के बाद से मानसिक रूप से परेशान हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जिस भवन में चार हत्याएं हुईं, उसके आसपास जाने से भी लोग हिचक रहे हैं। आसपास के दुकानदारों का अधिकांश समय भी ग्राहकों से ज्यादा हत्याकांड पर चर्चा करने में बीत रहा है।
घटनास्थल को देखने पहुंच रहे लोग
सील किए गए मकान के बाहर लोगों की भीड़ लगातार जुट रही है। दूसरे इलाकों से भी लोग घटनास्थल को देखने पहुंच रहे हैं। हालांकि पुलिस किसी को भी परिसर के भीतर जाने की अनुमति नहीं दे रही है। मकान के बाहर बैरिकेडिंग और पुलिस की निगरानी जारी है। जिस परिवार को लोग वर्षों से जानते थे, उसके चार सदस्यों की एक साथ हत्या की खबर आज भी लोगों को स्तब्ध कर रही है।
खुलासे के बाद भी चर्चा कम नहीं
आरोपी शनि गुप्ता की गिरफ्तारी और हत्याकांड के खुलासे के बाद भी लोगों की जिज्ञासा कम नहीं हुई है। लोग हत्या के पीछे की वजह, संपत्ति विवाद, अभिषेक की भूमिका और पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा कर रहे हैं। कई लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं कि इतने बड़े अपराध को केवल दो लोगों ने अंजाम दिया होगा। यही कारण है कि पुलिस जांच के हर नए पहलू पर लोगों की नजर बनी हुई है।