सोरांव के बिगहिया में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या का मुख्य आरोपी घटना के 24 घंटे बाद भी नहीं पकड़ा जा सका। पुलिस की टीम ने उसके नवाबगंज टिकरी कौड़िहार स्थित घर पर छापा मारा तो वहां ताला लटकता मिला। उधर अन्य आरोपियों मृतका पीडब्ल्यूडी कर्मचारी के जेठ व भतीजे तक भी पुलिस नहीं पहुंच सकी है। अफसरों का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बिगहिया निवासी कमलेश देवी (55) पत्नी विमलचंद्र पांडेय पीडब्ल्यूडी कर्मचारी थीं। तीन बेटियों में बड़ी रिंकी उर्फ किरन (32) पति मेजा के औंता गांव निवासी प्रतापनारायण मिश्रा (35) पुत्र बालसखा और बच्चों विराट (8) व डेढ़ महीने की बेटी के साथ मायके में ही रहती थी। बृहस्पतिवार रात कमलेश के साथ ही रिंकी, प्रतापनारायण व विराट की धारदार हथियार से हमलाकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार सुबह रिंकी की डेढ़ महीने की बच्ची की काफी देर तक रोने की आवाज आने पर मोहल्ले के लोग पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंचे मृतक प्रतापनारायण के परिजनों ने संपत्ति के विवाद में वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाते हुए मृतका कमलेश के दूसरे दामाद अमर, उसके पिता व दो पट्टीदारों ओमप्रकाश व मनोज व पड़ोसी लल्ले पांडेय को नामजद किया था। पुलिस ने अमर के पिता व मनोज को कुछ देर बाद ही हिरासत में ले लिया था। हालांकि, अमर का 48 घंटे बाद भी पता नहीं चल सका। पुलिस उसके नवाबगंज टिकरी स्थित घर पहुंची तो अमर परिवार सहित फरार मिला। उधर अन्य आरोपी कमलेश का जेठ ओमप्रकाश भी नहीं पकड़ा जा सका। आरोपी लल्ले पांडेय के बारे में पुलिस का कहना है कि वह 78 साल का है और मौजूदा समय में बीमार है। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
शनिवार को पुलिस एक बार फिर घटनास्थल पर पहुंची। वहां आरोपियों के घरवालों से पूछताछ के बाद ग्रामीणों से भी पूछताछ की। सीओ सोरांव जितेंद्र गिरि फोर्स लेकर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। घटना के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगाया गया है। दोपहर में क्राइम ब्रांच की टीम भी गांव पहुंची और एक-एक करके संदिग्धों से पूछताछ की। पुलिस सूत्रों की मानें तो फिलहाल अमर ही मुख्य संदिग्ध है। उसके पकड़े जाने के बाद स्थिति साफ हो सकेगी।