लॉकडाउन में कोरोना संक्रमण के खौफ का असर रक्तदान पर भारी पड़ा है। करीब ढाई महीने से एक भी रक्तदान शिविर आयोजित नहीं किया जा सका। हाल यह है कि सरकारी अस्पतालों के बल्ड बैंक लगभग खाली हैं, जबकि जरूरतमंद थैलीसीमिया और कैंसर के मरीज एक यूनिट रक्त के लिए भटक रहे हैं। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लॉक डाउन में आयोजित नहीं किए गए हैं। रक्तदाता भी बल्ड बैंकों तक नहीं पहुंचे। धीरे-धीरे ब्लड बैंकों के रक्त कोष खाली होने लगे। एसआरएन अस्पताल के रक्त कोष में मौजूदा समय में सिर्फ 12 यूनिट ब्लड बचा है। मेडिकल कॉलेज में पैथालॉजी विभाग की प्रभारी डॉ. वत्सला मिश्रा के मुताबिक मई में 112 मरीजों को बिना एक्सचेंज किए रक्त दिया गया। रक्तदाता आए नहीं तो विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर मरीजों की मदद की। सभी ग्रुप का ब्लड उपलब्ध नहीं है, सो मरीजों को लौटाना पड़ रहा है।
बेली अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में चार जून को सिर्फ दस यूनिट रक्त बचा था। मुख्य परामर्शदाता अजय मिश्रा के मुताबिक पिछले ढाई महीने से कैंप हुए नहीं और एक भी रक्तदाता स्वैच्छिक रक्तदान करने नहीं आया। स्टाक में रखा ब्लड औसतन पांच यूनिट जरूरतमंदों को दिया गया। अन्य गंभीर मरीजों के परिजन डोनर लाए और बदले में अपने ग्रुप का रक्त ले गए। अब चूंकि स्टाक नहीं है, इसलिए मैचिंग की दिक्कत आ रही है। लगभग यही हाल कॉल्विन रक्त कोष का है। यहां मौजूदा समय में सिर्फ 27 यूनिट खून बचा है। यहां ढाई महीने में जरूरतमंदों को करीब 550 यूनिट ब्लड दिया गया। बीच-बीच में दो-तीन लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया लेकिन 15 दिन से जरूरतमंद रक्त लेने तो आ रहे हैं, लेकिन रक्तदाता नहीं आए।
इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की ओर से संचालित ब्लड बैंक में रक्त का पर्याप्त भंडार है। यहां बिना डोनर लाकर रक्त लेने वालों की भीड़ बनी रहती है, लेकिन रक्तदाता यहां भी नहीं पहुंच रहे हैं। पिछले दिनों रक्त की कमी हुई तो डॉक्टरों ने रक्तदान कर करीब 100 यूनिट ब्लड एकत्र किया। एएमए ब्लड बैंक के चेयरमैन डॉ. अशोक अग्रवाल ने बताया कि प्रतिदिन सौ यूनिट ब्लड एक्सचेंज किया जा रहा है। थैलीसीमिया और कैंसर के मरीजों को बिना डोनर लाए ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है। चेयरमैन के मुताबिक बिना स्टॉक के मरीजों के ग्रुप का ब्लड देना संभव नहीं हो पाता है, इसलिए स्टॉक बनाए रखने की कोशिश होती है। यहां भी पिछले दो महीने से एक भी स्वैच्छिक रक्तदाता नहीं पहुंचा।
अमर उजाला फाउंडेशन ने कोरोना संक्रमण के दौर में पीड़ितों की मदद के लिए 14 जून को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। बेली और एएमए ब्लड बैंक में रक्तदान कर आप भी महादानी बन सकते हैं। स्वैच्छिक रक्तदान के लिए भीड़ जुटाने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ आपको सेवा संकल्प के साथ रक्तदान करना है। आपके रक्तदान से थैलीसीमिया के मरीजों के साथ गंभीर रूप से बीमार मरीजों को नया जीवन मिलेगा।