हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में हुए करोड़ाें रुपये घोटाले की विवेचना डीसीपी रैंक के पुलिस अधिकारी करेंगे। यह आदेश देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने छह हफ्ते में पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अब मामले की सुनवाई 19 मई को होगी। मामला प्रयागराज के कैंट थाना क्षेत्र का है।
न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने बार एसोसिएशन के बर्खास्त कर्मचारी पवन कुमार पाण्डेय की ओर से एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। इससे पहले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी की पहल पर हुई जांच पड़ताल में गबन का मामला प्रकाश में आया था। इसके बाद पवन पांडेय को बर्खास्त कर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए याचिका दाखिल कर याची ने दलील दी कि वह निर्दोष है। उसने कोई गबन नहीं किया है और उसे दुर्भावनावश झूठा फंसाया गया है।