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हाईकोर्ट ने 12 सवालों के गलत जवाब पर मांगा जवाब

Wed, 22 Jun 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय - फोटो : file photo
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पीसीएस 2016 की प्रारंभिक परीक्षा में 12 प्रश्नों के बहुविकल्पीय उत्तर गलत होने के मामले में हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग से जवाब मांगा है। कोर्ट इस प्रकरण पर बेहद गंभीर है। आयोग को निर्देश दिया है कि अगली तारीख पर विशेषज्ञ की राय भी अपने जवाब के साथ हलफनामे के रूप में प्रस्तुत की जाए। मामले की सुनवाई पांच जुलाई को होगी। डॉ. सुनील कुमार सिंह और 62 अन्य लोगों ने याचिका दाखिल कर इस मामले को चुनौती दी है। याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल की अवकाश कालीन बेंच ने सुनवाई की।
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याची के अधिवक्ता आलोक मिश्र ने बताया कि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए 12 प्रश्नोें के बहुविकल्पीय उत्तर गलत दिए गए हैं। अभ्यर्थियोें ने जब आंसर की से मिलान किया तो पता चला कि सही उत्तर देने वालों के जवाब गलत और गलत देने वालों के सही मान लिए गए हैं। इस गड़बड़ी की वजह से बहुत से प्रतियोगियों का जवाब सही होने के कारण वह  प्री की क्वालीफाइंग लिस्ट में नहीं आ सके। अधिवक्ता की दलील थी कि यदि इन प्रश्नों का सही उत्तर देने वालों को अंक दिए जाएं तो करीब चार हजार लोग प्रभावित होंगे।   याचिका में मांग की गई कि प्रश्नों के उत्तर दुरुस्त कर संशोधित परिणाम घोषित किया जाए। आयोग की ओर से विशेषज्ञ राय प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रश्नों के उत्तरों का मिलान विशेषज्ञों की राय से कर लिया गया है। याची के अधिवक्ता ने विशेषज्ञ राय की विश्वसनीयता पर संदेह जताते हुए कहा कि विशेषज्ञ किसी मान्य या नामी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर नहीं है बल्कि आयोग के अपने चहेते लोगों का पैनल है। कोर्ट ने अगली तारीख पर आयोग अपना जवाब और विशेषज्ञ की राय हलफनामे के साथ प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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