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हाईकोर्ट ने मांगी पूर्व में दाखिल याचिका की पत्रावली

Fri, 15 Jul 2016 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अदालत - फोटो : file
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मथुरा के जवाहर बाग कांड की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अधिवक्ता विजयपाल सिंह तोमर द्वारा दाखिल याचिका की पत्रावलियां मंगाई हैं। तोमर की ही जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने जवाहर बाग खाली कराने का आदेश दिया था। बाग को खाली कराने के दौरान ही वहां हिंसक घटना हुई थी। इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर अब तक हाईकोर्ट में तीन जनहित याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं। इन सभी पर 18 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
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विजय पाल तोमर ने वर्ष 2014 में जनहित याचिका दाखिल कर जवाहर बाग को खाली कराने की मांग की थी। इस याचिका में आरटीआई से प्राप्त सूचना को आधार बनाया गया था। जवाहर बाग के तीन हजार के करीब पेड़ रामवृक्ष के अनुयायियों द्वारा काट दिए गए तथा वन विभाग के कर्मचारियों को मारपीट कर भगा दिया गया। अन्य कई जानकारियों भी पूर्व में दाखिल याचिका में दी गई हैं। क्षमा दुबे द्वारा दाखिल जनहित याचिका में स्थानीय प्रशासन पर इन तथ्यों की अनदेखी का आरोप लगाया गया है।

इसके अलावा भाजपा प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय और ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने भी पीआईएल दाखिल कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति आरएन कक्कड़ की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया है कि राजनीतिक संरक्षण की वजह से ही जवाहर बाग में एक समानांतर सरकार बन गई और स्थानीय प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी मूक दर्शक बना रहा। 
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