डीएम संजय कुमार और सीडीओ आंद्रा वामसी बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे ही झूंसी के कोहना गांव पहुंच गए और लोगों को माला पहनाई। माला किसी को सम्मानित करने के लिए नहीं, बल्कि उनको गलती का एहसास करने के लिए पहनाई गई, जो खुले में शौच के लिए जा रहे थे। इसके साथ ही 28 जुलाई से गंगा-किनारे बसे 122 गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने के लिए अभियान की शुरुआत हो गई। हालांकि अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम को को विरोध का सामना भी करना पड़ा।
गंगा किनारे स्थित गांवों को 15 अगस्त तक ओडीएफ किए जाने का लक्ष्य है। इसी के मद्देनजर बुधवार शाम सभी 122 गांवों में अफसरों ने ग्राम सभा की खुली बैठक की और रात्रि विश्राम के बाद बृहस्पतिवार सुबह गांवों में निरीक्षण करने निकले। उद्देश्य यही था कि अफसर खुले में शौच करने वालों को जागरूक करेंगे और शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित करेंगे। शौचालय निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। डीएम और सीडीओ झूंसी के कोहना गांव पहुंचे। सुबह पांच बजे दोनों अफसर पूरी टीम के साथ मैदान पहुंच गए और खुले में शौच कर रहे लोगों को वहां से हटाने के लिए सीटी बजाई। कई लोगों को डीएम और सीडीओ ने माला पहनाई। साथा ही निवेदन किया कि खुले में शौच न करें। उन्होंने इसके नुकसान बताए।
हालांकि महिलाओं ने इस अभियान का विरोध किया और अफसरों का घेराव करते हुए कहा कि गांव में कहीं शौचालय नहीं है। शौचालय बनवाने के लिए जगह भी बहुत कम है। ऐसे में लोग कहां जाएंगे। प्रशासन को पहले व्यवस्था करे और उसके बाद अभियान चलाए। विरोध पर अफसरों को पीछे हटना पड़ा। डीएम संजय कुमार ने बताया कि गांव में तकरीबन 125 परिवार अब भी खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। बात सही है कि वहां जगह की कमी है, सो सामुदायिक शौचालय के निर्माण के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। जहां भी शौचालय की जरूरत है, वहां तत्काल निर्माण कराया जाएगा, ताकि 15 अगस्त से पहले कोहना सहित गंगा किनारे वाले जिले के सभी 122 गांव ओडीएफ बन सके।