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‘स्वयं’ की मदद से बढ़ाएं ज्ञान और पाएं डिग्री

Thu, 28 Jul 2016 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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यूजीसी - फोटो : demo
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अब ऑनलाइन पद्धति ज्ञान अर्जन के साथ डिग्री हासिल करने का विकल्प भी बनने जा रहा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने ‘स्वयं’ नाम से ऑनलाइन शिक्षा पद्धति को मान्यता दी है। आयोग की ओर से इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। विद्यार्थी इस माध्यम से पढ़ाई करके नियमित कोर्स के लिए क्रेडिट हासिल कर सकते हैं। इस पद्धति के अंतर्गत  निर्धारित कोर्स को एक सेमेस्टर के लिए अनिवार्य भी किया गया है।
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यूजीसी की ओर से स्नातक और परास्नातक पाठ्यकमों में क्रेडिट बेस्ड च्वॉयस सिस्टम (सीबीसीएस) लागू कर दिया गया है। ज्यादातर विश्वविद्यालय में इसे लागू कर भी दिया गया है। हालांकि इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में फिलहाल परास्नातक पाठ्यक्रम में सीबीसीएस पद्धति लागू किया गया है। विद्यार्थी को इस पद्धति के अंतर्गत डिग्री हासिल करने के लिए निर्धारित क्रेडिट हासिल करने होते हैं। अब यह क्रेडिट विश्वविद्यालय या कालेज के अलावा ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यम से भी हासिल की जा सकती है। ‘स्वयं’ प्लेटफार्म पर मैसिव ऑनलाइन ओपेन कोर्सेज (मूक्स) तैयार करने का निर्णय यूजीसी पहले ही ले चुका था। अब इस बाबत नियमावली भी बना दी गई है।

‘स्वयं’ के अंतर्गत विभिन्न विषयों के ऑनलाइन पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। विश्वविद्यालय या कालेजों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी ‘स्वयं’ प्लेटफार्म पर स्वीकृत पाठ्यक्रम की पढ़ाई करके क्रेडिट हासिल कर सकते हैं। विश्वविद्यालय इसके लिए मना नहीं कर सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थी को पंजीकरण कराना होगा। इसके अलावा ‘स्वयं’ प्लेटफार्म से प्राप्त क्रेडिट का प्रमाणपत्र संबंधित विश्वविद्यालय को देना होगा। हालांकि एक सेमेस्टर में निर्धारित कुल पाठ्यक्रम के 20 फीसदी कोर्स को ही ‘स्वयं’ प्लेटफार्म पर ज्ञान अर्जन की स्वीकृति दी जा सकती है।
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‘स्वयं’ की ओर से हर साल एक जून और एक नंवबर को कोर्सेज जारी किए जाएंगे। इन्हीं तारीखों को सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को आगामी सेमेस्टर के लिए स्वीकृत होने वाले पाठ्यक्रमों की जानकारी भी दे दी जाएगी। विश्वविद्यालय के विद्वत परिषद से इन कोर्सेज के लिए स्वीकृति लेनी होगी। विद्यार्थी भी इन्हीं पाठ्यक्रमों में पंजीकरण करा सकेंगे।

स्नातक  और परास्नातक में कई वैकल्पिक पेपर होते हैं। विद्यार्थियों को इनमें से पेपर का चुनाव करना होता है, लेकिन ज्यादातर विश्वविद्यालय में कई विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं। इसकी वजह से कई पेपर पढ़ाए नहीं जाते। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए पेपर का विकल्प सीमित हो जाता है, लेकिन ‘स्वयं’ प्लेटफार्म पर ऑनलाइन पढ़ाई को मंजूरी मिलने से यह समस्या दूर हो गई है। विद्यार्थी ऑनलाइन पद्धति के अंतर्गत मनपसंद पेपर को चुन सकेंगे।
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